मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दंतेवाड़ा से प्रदेशव्यापी विशेष लोक अदालत का किया शुभारंभ

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चेक अनादरण से जुड़े करीब 7,930 प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष लोक अदालत

आपसी समझौते से त्वरित न्याय, समय और धन की होगी बचत

रायपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति  रमेश सिन्हा ने शनिवार को दंतेवाड़ा से वर्ष 2026 की प्रथम विशेष लोक अदालत का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दंतेवाड़ा में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश के सभी 23 जिलों में वर्चुअल माध्यम से विशेष लोक अदालत की शुरुआत की। इस विशेष लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत चेक अनादरण से जुड़े करीब 7,930 प्रकरणों को निराकरण के लिए रखा गया है।

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आपसी सहमति से मामलों का होगा निराकरण उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति  रमेश सिन्हा ने कहा कि चेक अनादरण से जुड़े प्रकरण समझौता योग्य होते हैं। आपसी सहमति से इन मामलों का निराकरण होने पर दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने विशेष लोक अदालत को आम नागरिकों को सरल, सुलभ और प्रभावी न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से अधिक से अधिक पुराने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने का आह्वान किया। मुख्य न्यायाधीश ने 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों के आपसी समझौते से निराकरण के लिए भी सभी से पूर्ण निष्ठा के साथ सहयोग करने की अपील की।

न्यायालय परिसर का किया निरीक्षण इस अवसर पर न्यायमूर्ति  रमेश सिन्हा ने दंतेवाड़ा जिला न्यायालय की विभिन्न खंडपीठों और अनुभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक अदालत की कार्यवाही का अवलोकन किया और प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत न्यायालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया।

न्यायिक अधोसंरचना के विकास को मिली गति प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्वागत उद्बोधन में मुख्य न्यायाधीश का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति  रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रदेश में न्यायालय भवनों, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास सहित न्यायिक अधोसंरचना के विकास को गति मिली है। इसी क्रम में दंतेवाड़ा जिले में न्यायिक कर्मचारियों और न्यायाधीशों के आवास, न्यायालय परिसर में डाकघर और डिजिटलीकरण केंद्र की सुविधा मिली है। साथ ही सुकमा और बीजापुर में न्यायालय भवन तथा आवास निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है।

सभी जिलों के न्यायाधीश वर्चुअल माध्यम से जुड़े कार्यक्रम में दंतेवाड़ा जिले के न्यायाधीशगण, कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक  चंद्रमोहन सिंह, डीएफओ  रामकृष्ण रंगानाथा वाय, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी, पक्षकार, प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रदेश के अन्य सभी जिलों के न्यायाधीश वर्चुअल माध्यम से समारोह में शामिल हुए। विशेष लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते से मामलों का निराकरण कर नागरिकों को शीघ्र न्याय दिलाने के साथ न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के बोझ को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

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