धमतरी के अश्वनी ध्रुव ने पेश की मिसाल, ‘नेशनल लाइवस्टॉक मिशन’ से बदली तकदीर, बने आत्मनिर्भर
20 लाख रूपए की लागत से शुरू किया आधुनिक बकरी पालन
सरकार से मिला 50 प्रतिशत अनुदान, क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए बने रोल मॉडल

रायपुर । ‘नेशनल लाइवस्टॉक मिशन’ केंद्र सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के तहत पशुपालकों और उद्यमियों को बकरी, भेड़, सूअर और मुर्गी पालन जैसे व्यवसायों को स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का 50% पूंजीगत अनुदान (कैपिटल सब्सिडी) दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ पशुपालन को ग्रामीण आय का मुख्य जरिया बनाने के मुख्यमंत्री के संकल्प को जमीन पर उतारने में 'नेशनल लाइवस्टॉक मिशन' वरदान साबित हो रहा है। धमतरी जिले में केंद्र व राज्य सरकार की इस योजना ने ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की नई राह दिखाई है।
- प्रगतिशील पशुपालक श्री अश्वनी ध्रुव युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत* इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ धमतरी जिले के धमतरी विकासखंड के ग्राम भटगांव निवासी प्रगतिशील पशुपालक श्री अश्वनी ध्रुव की सफलता की कहानी आज छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं और किसानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी है। अश्वनी ने वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर बकरी पालन को एक घाटे के सौदे से बदलकर एक मुनाफेदार और आधुनिक बिजनेस मॉडल में तब्दील कर दिया है।
20 लाख रूपए का प्रोजेक्ट, 10 लाख रुपए की सरकारी मददश्री अश्वनी ध्रुव ने जिले के ग्राम विश्रामपुर में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से एक सर्वसुविधायुक्त, आधुनिक बकरी पालन इकाई (गोट फार्म) की स्थापना की है। इस यूनिट के लिए उन्होंने 100 उन्नत नस्ल की बकरियां और 05 उच्च गुणवत्ता वाले बकरे खरीदे हैं। नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के अंतर्गत इस पूरी परियोजना पर सरकार द्वारा 50 प्रतिशत (यानी पूरे 10 लाख रुपये) का अनुदान (Subsidy) दिया जा रहा है। अश्वनी को प्रथम किस्त के रूप में 5 लाख रूपए की अनुदान राशि प्राप्त भी हो चुकी है। वहीं, पशुओं के क्रय और स्वास्थ्य परीक्षण की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शेष 5 लाख रूपए की दूसरी किस्त भी जल्द ही जारी कर दी जाएगी।
सुरक्षा का पूरा चक्र: 100 प्रतिशत पशुधन का हुआ बीमा और टैगिंग पशुपालन व्यवसाय में किसी भी प्रकार के जोखिम को कम करने के लिए इस योजना में शत-प्रतिशत बीमा अनिवार्य किया गया है। विभागीय मुस्तैदी दिखाते हुए 17 जुलाई 2026 को पशुधन विकास विभाग की उच्च स्तरीय टीम और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि धमतरी के विश्रामपुर पहुंचे।
विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण उपसंचालक डॉ. अवधेश कुमार मरकाम, विकासखंड प्रभारी डॉ. सुरेंद्र कुमार मरकाम, डॉ. प्रमोद ठाकुर और बजाज इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सभी 105 बकरियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका बीमा किया गया। साथ ही, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी श्री प्रेम लाल साहू द्वारा बकरियों की यूनिक पहचान के लिए टैगिंग (Tagging) का कार्य भी पूरा किया गया।
परंपरागत सोच छोड़ी, अपनाया वैज्ञानिक प्रबंधन अश्वनी ध्रुव की इस सफलता के पीछे केवल सरकारी पैसा नहीं, बल्कि उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी है। पशुधन विकास विभाग के डॉक्टरों ने उन्हें बकरी पालन के आधुनिक गुर सिखाए। कम लागत में बकरियों का वजन तेजी से बढ़ाने के तरीके के सााथ बदलते मौसम में बीमारियों से बचाव और स्वच्छ पशुशाला का संचालन बताया गया। इसी तरह समय पर वैक्सीन और औषधियां उपलब्ध कराकर शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य रखा गया।
पूरे इलाके को मिलेगा ‘नस्ल सुधार’ का फायदा अश्वनी ध्रुव की इस आधुनिक यूनिट का सबसे बड़ा फायदा धमतरी जिले के आसपास के ग्रामीण पशुपालकों को होने जा रहा है। इस फार्म में मौजूद उच्च और उन्नत नस्ल के बकरों से स्थानीय बकरियों का 'नस्ल सुधार' कराया जाएगा। इससे आने वाले समय में क्षेत्र में पैदा होने वाले मेमनों (बच्चों) की गुणवत्ता और वजन बेहतर होगा। स्थानीय पारंपरिक बकरियों की दूध और मांस उत्पादकता बढ़ेगी। छोटे और सीमांत किसानों की आय में दीर्घकालिक और बंपर बढ़ोतरी होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही है नई मजबूती धमतरी जिले में इस महत्वकांक्षी योजना के तहत अब तक 03 बकरी पालन और 02 मुर्गी पालन इकाइयों को मंजूरी देकर धरातल पर उतारा जा चुका है। जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग का मुख्य उद्देश्य यही है कि ग्रामीण युवा पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक तकनीकों को अपनाएं और पशुपालन को एक बड़े बिजनेस (Start-up) के रूप में देखें। श्री अश्वनी ध्रुव की यह शानदार सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि शासकीय योजनाओं का सही लाभ उठाया जाए और उसमें कड़ी मेहनत जोड़ दी जाए, तो ग्रामीण छत्तीसगढ़ की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती है।

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