युवान कार्यक्रम से बच्चों ने सीखा प्रकृति संरक्षण का पाठ
वन महोत्सव और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 7 स्थानों पर हुआ पौधारोपण
200 से अधिक स्कूली बच्चों ने वन भ्रमण, सीड बॉल निर्माण और पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में लिया हिस्सा
रायपुर । प्रकृति का संरक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करता है, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखता है और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है। संरक्षण के बिना, जल, वन और वन्यजीव जैसे संसाधन लुप्त हो सकते हैं। जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण को रोकता है। जैव विविधता को बनाए रखता है। प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के लिए लगातार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बलौदाबाजार वनमंडल में हर शनिवार आयोजित किए जा रहे ‘युवान’ कार्यक्रम और वन महोत्सव के तहत 18 जुलाई को विभिन्न स्थानों पर प्रकृति शिक्षा, वन भ्रमण और पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों और स्थानीय लोगों को वन, वन्यजीव, जैव विविधता तथा जल और मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधारोपण वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा संचालित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत कोठारी, सोनाखान और बल्दाकछार वन परिक्षेत्रों के स्कूलों और गांवों में फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन प्रबंधन समितियों और ग्रामीणों ने मिलकर पौधारोपण किया। साथ ही पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।

7 स्थानों पर 200 से अधिक बच्चों ने लिया हिस्सा बलौदाबाजार वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के निर्देशानुसार अर्जुनी, कोठारी, धमलपुरा, सारसडोल, दादर, पोड़ी और सूरबाय परिसर सहित 7 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 200 से अधिक स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वन भ्रमण के दौरान बच्चों को जंगलों के महत्व, जैव विविधता और मिट्टी के कटाव को रोकने के उपायों की जानकारी सरल भाषा में दी गई।
सीड बॉल बनाना भी सीखा बच्चों ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्रकृति संरक्षण की व्यावहारिक जानकारी दी गई। उन्हें बीज रोपण और सीड बॉल बनाने की प्रक्रिया सिखाई गई। बच्चों ने जाना कि छोटे-छोटे प्रयासों से जंगलों का विस्तार और हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
प्रकृति से जुड़कर बच्चे बनेंगे जिम्मेदार नागरिक- डीएफओ बलौदाबाजार वनमंडलाधिकारी ने कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और विजन के अनुरूप ‘युवान’ कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को प्रकृति के करीब लाने का प्रयास किया जा रहा है। जब बच्चे स्वयं पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी समझेंगे और इसमें भागीदारी करेंगे, तभी एक जागरूक और जिम्मेदार समाज का निर्माण होगा। वनमंडल में यह कार्यक्रम प्रत्येक शनिवार को निरंतर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों और शिक्षकों के साथ ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों, स्थानीय ग्रामीणों तथा वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

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