निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों को मंडल की बैठक में मिली स्वीकृति
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना, अटल करियर निर्माण योजना सहित कई अहम प्रस्ताव मंजूर, श्रमिकों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ उन्हें शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह बात प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पंजीकृत निर्माण श्रमिकों तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पंचम कार्यकाल की नवम बैठक गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रम विभाग के उप सचिव विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, कल्याण प्रशासक सुनील मिश्रा, मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार तथा राज्य शासन के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नवीन सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के अनुरूप श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया, जिससे योजनाओं का लाभ अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा सके।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत राज्य के 20 चयनित विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के 200 बच्चों को कक्षा छठवीं में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे।
इसके अलावा निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए दी जाने वाली शैक्षणिक सहायता राशि का एकरूपीकरण करने का भी निर्णय लिया गया। इससे पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में अधिक सुविधा मिलेगी और आर्थिक सहायता की प्रक्रिया भी सरल होगी।
बैठक में अटल करियर निर्माण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण श्रमिकों के एक हजार बच्चों को नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन दिया गया। सरकार का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें उच्च शिक्षा एवं बेहतर करियर के अवसर प्रदान करना है।
बैठक को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने के साथ-साथ वर्तमान योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक पात्र निर्माण श्रमिक तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को और मजबूत बनाने, शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी निर्णय लिए जाते रहेंगे।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
