मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत का निराकरण दर्ज, मौके पर समस्या बरकरार!

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ग्राम निरजाम के मामले ने उठाए सवाल, हितग्राही का दावा—सफाई होने की सूचना मिली, लेकिन जमीनी स्थिति जस की तस

मुंगेली। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों के त्वरित एवं वास्तविक निराकरण को लेकर शासन स्तर पर अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बाद प्रशासनिक अमले द्वारा शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन मुंगेली अनुभाग के ग्राम निरजाम से सामने आया एक मामला इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है।

जानकारी के अनुसार ग्राम निरजाम निवासी हितग्राही देवराज साहू ने ग्राम पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर गांव में साफ-सफाई एवं पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई।

बताया गया कि शिकायत के निराकरण के संबंध में जनपद पंचायत मुंगेली की ओर से कार्रवाई दर्ज की गई और हितग्राही को 5 अगस्त 2026 को सूचित किया गया कि शिकायत के अनुसार सफाई करा दी गई है।

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रिकॉर्ड में निराकरण, मौके पर स्थिति पर सवाल

हितग्राही का आरोप है कि शिकायत के निराकरण की सूचना मिलने के बाद जब मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखी गई तो अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दिया। उनका कहना है कि जिस समस्या को लेकर हेल्पलाइन में शिकायत की गई थी, वह पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि संबंधित विभाग द्वारा शिकायत का निराकरण दर्ज कर हितग्राही को इसकी सूचना दे दी गई है, तो मौके पर समस्या बरकरार रहने की स्थिति क्यों सामने आ रही है?

कागजों में समाधान या धरातल पर?

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर उनका समयबद्ध और वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि किसी शिकायत का निराकरण केवल रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया जाए और मौके पर समस्या बनी रहे, तो इससे शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता और हेल्पलाइन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

स्थानीय स्तर पर भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि शिकायतों के निराकरण के बाद क्या संबंधित अधिकारी या कर्मचारी मौके का सत्यापन करते हैं अथवा केवल विभागीय रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण को समाप्त कर दिया जाता है।

प्रशासन के लिए अब मौका—दोबारा हो स्थल निरीक्षण

ग्राम निरजाम के इस मामले में अब प्रशासन द्वारा दोबारा स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। यदि शिकायतकर्ता की शिकायत सही पाई जाती है तो समस्या का वास्तविक समाधान कराने के साथ यह भी देखा जाना जरूरी होगा कि पूर्व में किस आधार पर शिकायत का निराकरण दर्ज किया गया।

अब देखना होगा कि ग्राम निरजाम की शिकायत को लेकर जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति की जांच करते हैं। साथ ही यह सवाल भी बना हुआ है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों के निराकरण की जमीनी स्तर पर निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?

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