नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर : मुख्यमंत्री साय
आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के युवा मंच कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्टजनों को किया सम्मानित
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद छत्तीसगढ़ अब समन्वित और लक्ष्यकेंद्रित विकास के साथ तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। सरगुजा से लेकर बस्तर तक पूरे प्रदेश के समग्र विकास के लिए सरकार संकल्पित होकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री शनिवार शाम राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के युवा मंच कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद लंबे समय से एक बड़ी बाधा रहा है। सरकार के गठन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद को लेकर हुई बैठक में यह तथ्य सामने आया था कि देश में बची नक्सल समस्या का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ में ही केंद्रित था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद के खात्मे की समय-सीमा तय की गई। सुरक्षाबलों के जवानों ने अदम्य साहस और प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।


पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की अलग पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण नियाग्रा के नाम से प्रसिद्ध है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया है। यहां बम्बू राफ्टिंग सहित कई पर्यटन गतिविधियां संचालित हो रही हैं। होम स्टे के माध्यम से पर्यटक स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश का अनुभव कर रहे हैं। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई उद्योग नीति में पर्यटन क्षेत्र को भी शामिल किया गया है।
धर्मांतरण पर सख्त कानून, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में धर्मांतरण रोकने के लिए सबसे सख्त कानून लाने वाला प्रदेश है। प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अन्य प्रदेशों में लागू कानूनों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पीएससी में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। अब प्रदेश में पीएससी सहित सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से युवाओं के साथ उनके अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
विकास नीति में युवाओं की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं से संवाद कर रही है और उनके सुझावों का स्वागत किया जा रहा है। युवा देश का भविष्य हैं। विकास की नीतियों के निर्माण में युवाओं के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय विकास को गति देने के उद्देश्य से आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया था।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में छत्तीसगढ़ के 6 हजार गांवों को शामिल किया गया है। प्रदेश में 5 विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं। इनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बस्तर में बन रही एजुकेशन सिटी
मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि शिक्षा के बिना वास्तविक विकास संभव नहीं है। प्रदेश में हर स्तर पर स्कूल संचालित हो रहे हैं और प्रत्येक ब्लॉक में कॉलेज की सुविधा उपलब्ध है। बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद वहां एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। राज्य में शिक्षा मिशन पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के आसपास के राज्यों में भी बड़ी संख्या में आदिवासी आबादी निवास करती है। इसे देखते हुए प्रदेश में ट्राइबल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के जनजातीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सके।
15 मेडिकल कॉलेज संचालित, 5 नए कॉलेजों को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें कुल 250 सीटें स्वीकृत हुई हैं और इसी वर्ष से पढ़ाई शुरू होने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
बस्तर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के माध्यम से गंभीर बीमारियों का उपचार उपलब्ध हो रहा है। अब वहां ब्रेन ट्यूमर जैसी जटिल बीमारी का इलाज भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है, जबकि करीब 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
8 लाख करोड़ के एमओयू, रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नई उद्योग नीति के तहत करीब 8 लाख करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन निवेश प्रस्तावों का असर अब धरातल पर भी दिखाई देने लगा है। सेमीकंडक्टर प्लांट, एआई डाटा सेंटर और टेक्सटाइल सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमियों के लिए विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है, जो अपने उद्योगों के माध्यम से 1 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे। बरसात के बाद रोजगार मेले का आयोजन भी किया जाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न उद्योगों में प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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