NH-130 पर मवेशियों का कब्जा, मदवानी मोड़ का खतरनाक ‘जंप’ बना हादसों का कारण

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रिपोर्टर ✒️ मनीष अग्रवाल

भोजपुरी टोल से नांदघाट तक सड़क सुरक्षा पर सवाल, बंद स्ट्रीट लाइट और हाईवे पर बैठे मवेशियों से बढ़ा खतरा

मुंगेली/सरगांव। रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर इन दिनों सफर करना वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। भोजपुरी टोल प्लाजा से नांदघाट तक हाईवे के कई हिस्सों में सड़क पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा और जगह-जगह सड़क की खराब स्थिति दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। खासकर बैतलपुर के पास मदवानी मोड़ पर सड़क पर बना खतरनाक ‘जंप’ दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां आए दिन बाइक सवार असंतुलित होकर गिर रहे हैं।

अचानक सामने आता है खतरनाक जंप

मदवानी मोड़ के पास हाईवे की सड़क खराब होने के कारण एक स्थान पर ऊंचा-नीचा हिस्सा बन गया है। तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को यह हिस्सा दूर से स्पष्ट नजर नहीं आता। अचानक जंप आने पर दोपहिया वाहन असंतुलित हो जाते हैं और बाइक सवार सड़क पर गिरकर घायल हो रहे हैं।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के इस हिस्से को लंबे समय से सुधार की जरूरत है, लेकिन संबंधित एजेंसी की ओर से अब तक स्थायी मरम्मत नहीं की गई है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और खराब होने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है।

रात में बंद लाइटों के कारण बढ़ता खतरा

हाईवे के इस हिस्से में स्ट्रीट लाइटों के लंबे समय से बंद होने की शिकायत भी सामने आ रही है। रात के समय अंधेरा होने के कारण सड़क पर बना जंप वाहन चालकों को दिखाई नहीं देता। यही नहीं, हाईवे पर बैठे मवेशी भी अंधेरे में अचानक सामने आ जाते हैं।

तेज रफ्तार वाहन चालकों के लिए ऐसी स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। सामने अचानक मवेशी आने पर वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण है।

सड़क पर मवेशियों का जमावड़ा

भोजपुरी टोल से नांदघाट के बीच कई स्थानों पर आवारा मवेशियों के सड़क पर बैठे रहने की समस्या बताई जा रही है। दिन के समय तो वाहन चालक किसी तरह उन्हें देखकर वाहन निकाल लेते हैं, लेकिन रात में अंधेरे के कारण खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर मवेशियों को रोकने और हटाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है। केवल पुलिस की पेट्रोलिंग टीम द्वारा मवेशियों को सड़क से हटाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।

पेट्रोलिंग टीम पर भी बढ़ा दबाव

हादसों की आशंका को देखते हुए हाईवे पेट्रोलिंग से जुड़े पुलिसकर्मियों को कई बार सड़क से मवेशियों को हटाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि पुलिस की टीम अपनी ओर से प्रयास कर रही है, लेकिन हाईवे की सुरक्षा और सड़क की खामियों को दूर करने की जिम्मेदारी संबंधित सड़क एजेंसी की भी है।

लोगों का सवाल है कि यदि किसी स्थान पर लगातार हादसे हो रहे हैं और सड़क की खराब स्थिति की जानकारी है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त क्यों नहीं किया जा रहा है।

टोल वसूली के बीच सुविधाओं पर सवाल

हाईवे पर वाहन चालकों से टोल वसूली की व्यवस्था होने के बावजूद सड़क सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी समस्याओं का बने रहना सवाल खड़े कर रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि टोल देने के बाद उनसे सुरक्षित और सुगम सड़क की अपेक्षा स्वाभाविक है।

मदवानी मोड़ पर सड़क की खराब स्थिति, बंद स्ट्रीट लाइट और हाईवे पर मवेशियों की मौजूदगी जैसी समस्याएं यदि लंबे समय तक बनी रहती हैं तो यह सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती हैं।

बड़े हादसे का इंतजार तो नहीं?

स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि समस्या सामने होने के बावजूद समय रहते सुधार कार्य नहीं किया जा रहा। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसी को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए।

वाहन चालकों ने मांग की है कि मदवानी मोड़ के खतरनाक जंप को तत्काल समतल कराया जाए, बंद स्ट्रीट लाइटों को चालू किया जाए तथा भोजपुरी टोल से नांदघाट तक हाईवे पर मवेशियों को हटाने के लिए नियमित और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

यदि समय रहते इन खामियों को दूर नहीं किया गया तो हाईवे की मौजूदा स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और हाईवे प्रबंधन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कब तक ठोस कदम उठाता है।

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