कृषि मंत्री नेताम ने दी हरेली तिहार की बधाई

0
IMG-20260811-WA1369

रायपुर । कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रोद्योगिकी मंत्री राम विचार नेताम ने 12 अगस्त को मनाए जा रहे छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व हरेली तिहार के अवसर पर प्रदेशवासियों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने हरेली तिहार के अवसर पर प्रदेश के किसानों, नागरिकों और सभी परिवारों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की है।

मंत्री नेताम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। यहां की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों में कृषि का महत्वपूर्ण स्थान है। हरियाली अमावस्या को मनाई जाने वाली हरेली त्यौहार का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव देखा जा सकता है। यह पर्व प्रदेश की कृषि संस्कृति, ग्रामीण जीवन और प्रकृति के साथ लोगों के गहरे जुड़ाव को प्रदर्शित करता है।

उन्होंने कहा कि हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं और कृषि संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन किसान भाई नांगर (हल) एवं कृषि औजार की पूजा करते हैं, जो हमारे कृषि प्रधान संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। खेती-किसानी में उपयोग किए जाने वाले कृषि उपकरण किसानों के जीवन और उनकी आजीविका से सीधे जुड़े होते हैं। हरेली के अवसर पर इन उपकरणों की पूजा कर किसान कृषि कार्य के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

NTPC World Environment Day

मंत्री नेताम ने कहा कि हरेली पर्व का महत्व केवल कृषि उपकरणों की पूजा तक सीमित नहीं है। यह पर्व प्रकृति और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। हरियाली अमावस्या के अवसर पर मनाया जाने वाला यह पर्व धरती को हरा-भरा बनाए रखने के लिए पेड़-पौधों की महत्ता को प्रदर्शित करता है। हरियाली, कृषि और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को हरेली तिहार के माध्यम से सहज रूप से देखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति में प्रकृति का विशेष महत्व रहा है। खेती के लिए भूमि, जल, वर्षा और हरियाली आवश्यक हैं। ऐसे में हरेली तिहार लोगों को प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा भी देता है। यह पर्व किसानों की मेहनत और प्रकृति के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और लोकजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पर्व से जुड़ी परंपराएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं और आज भी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में उत्साह के साथ मनाई जाती हैं। हरेली के माध्यम से नई पीढ़ी को भी प्रदेश की कृषि परंपराओं, लोकसंस्कृति और प्रकृति के महत्व से परिचित कराने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री नेताम ने प्रदेश के किसानों और नागरिकों की खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कामना की कि हरेली तिहार प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा छत्तीसगढ़ की धरती सदैव हरियाली से परिपूर्ण रहे।

उन्होंने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की पुनः हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पारंपरिक पर्व छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, लोकपरंपराओं और प्रकृति संरक्षण की भावना को और मजबूत करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!