25 अगस्त से 8 सितंबर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा

0
image_search_1787586802188

‘नेत्रदान-महादान, जीवन का सबसे बड़ा वरदान’ का संदेश लेकर जिलेभर में चलेगा जागरूकता अभियान

रिपोर्टर 🖋️ कमलेश सिंह, ब्यूरो कवर्धा

कवर्धा। राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कबीरधाम जिले में 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाएगा। पखवाड़े के दौरान लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी देने, मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करने तथा नेत्रदान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

NTPC World Environment Day

जिले में यह अभियान कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अनुपमा तिवारी के नेतृत्व तथा जिला नोडल अधिकारी (अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण) डॉ. क्षमा चोपड़ा के मार्गदर्शन में संचालित किया जाएगा।

एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को मिल सकती है रोशनी

जिला नोडल अधिकारी डॉ. क्षमा चोपड़ा ने बताया कि देश में बड़ी संख्या में लोग कॉर्नियल अंधत्व से प्रभावित हैं और दृष्टि पाने के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं। मृत्यु के बाद किसी व्यक्ति की आंखों से प्राप्त कॉर्निया दो जरूरतमंद लोगों को दृष्टि प्रदान करने में उपयोगी हो सकता है। ऐसे में नेत्रदान मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में रोशनी लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

उन्होंने कहा कि नेत्रदान के माध्यम से दो जरूरतमंद लोगों को नई दृष्टि मिल सकती है और वे फिर से रंगीन दुनिया देख सकते हैं। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के दौरान आम नागरिकों को नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

चश्मा लगाने वाले भी कर सकते हैं नेत्रदान

डॉ. चोपड़ा के अनुसार चश्मा लगाने वाले व्यक्ति, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति तथा मोतियाबिंद का ऑपरेशन करा चुके लोग भी नेत्रदान कर सकते हैं। मृत्यु के बाद आंखों से कॉर्निया निकालने की प्रक्रिया में सामान्यतः 10 से 15 मिनट का समय लगता है। इससे मृत व्यक्ति के चेहरे पर किसी प्रकार की विरूपता नहीं आती।

उन्होंने बताया कि मृत्यु के 6 घंटे के भीतर कॉर्निया निकालना आवश्यक होता है। इसलिए किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर संबंधित नेत्र बैंक अथवा स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूचना देना जरूरी है। नेत्रदान की प्रक्रिया के कारण अंतिम संस्कार में अनावश्यक देरी नहीं होती।

आज ही लें नेत्रदान का संकल्प

स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की है। इच्छुक व्यक्ति अपने नजदीकी नेत्र बैंक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल के नेत्र विभाग से संपर्क कर नेत्रदान का संकल्प पत्र भर सकते हैं।

नेत्रदान से संबंधित जानकारी अथवा संकल्प के लिए कबीरधाम जिले में मेघनाथ कुलमित्र, सहायक नेत्रदान अधिकारी — मोबाइल 9770101006 तथा धीरेन्द्र कुमार शर्मा, नेत्र सहायक अधिकारी, जिला चिकित्सालय कबीरधाम — मोबाइल 8085615659 से संपर्क किया जा सकता है।

सीएमएचओ ने जिलेवासियों से की अपील

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर जिले के नागरिकों से नेत्रदान का संकल्प लेने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि नेत्रदान के माध्यम से किसी ऐसे व्यक्ति के जीवन में दृष्टि की नई रोशनी लाई जा सकती है, जो आंखों की रोशनी से वंचित है। मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान मानवता की सेवा का ऐसा कार्य है, जिसके माध्यम से किसी के जीवन में उजाला लाया जा सकता है।

उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि ‘नेत्रदान-महादान, जीवन का सबसे बड़ा वरदान’ की भावना को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक लोग नेत्रदान का संकल्प लें और मानवता की सेवा में सहभागी बनें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!