प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से कबीरधाम की 19 हजार से अधिक माताओं को मिला पोषण संबल
करीब 9 करोड़ रुपए की सहायता से सुरक्षित मातृत्व को मिला सहारा, शीतल ने योजना का लाभ लेकर संवारा मां-बच्चे का स्वास्थ्य
कवर्धा। रिपोर्टर 🖋️ कमलेश सिंह, ब्यूरो कवर्धा। मां और बच्चे का स्वस्थ रहना परिवार की खुशहाली की पहली नींव माना जाता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल मिल सके, इसी उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना कबीरधाम जिले की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का आधार बन रही है। योजना के तहत वर्ष 2023 से अब तक जिले में 19 हजार 214 हितग्राहियों को करीब 9 करोड़ रुपए की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार, दवाइयों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी खर्चों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, संतुलित आहार और आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी जा रही है।

शीतल के लिए मददगार बनी योजना
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभ से मां और बच्चे के स्वास्थ्य में आए सकारात्मक बदलाव की मिसाल विकासखंड सहसपुर लोहारा के ग्राम उलट निवासी शीतल धु्रर्वे की कहानी में देखने को मिलती है। पहली बार गर्भवती होने पर शीतल ने गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रतिभा सिंह ठाकुर से संपर्क किया। कार्यकर्ता ने उन्हें योजना की जानकारी देने के साथ गर्भावस्था के दौरान खान-पान, नियमित स्वास्थ्य जांच और दवाइयों के सेवन के महत्व के बारे में बताया।

शीतल ने गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य और पोषण का विशेष ध्यान रखा। इस दौरान उनका हीमोग्लोबिन स्तर 10.5 ग्राम दर्ज किया गया। गर्भावस्था के सातवें महीने में उन्हें योजना के तहत पहली किश्त के रूप में 3 हजार रुपए बैंक खाते में मिले। शीतल ने इस राशि का उपयोग फल, दवाइयां और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री खरीदने में किया।
इसके साथ ही उन्होंने नियमित रूप से एएनसी जांच कराई, टीकाकरण कराया और आयरन की गोलियों का सेवन किया। नियमित स्वास्थ्य देखभाल और बेहतर पोषण का सकारात्मक परिणाम सामने आया और शीतल ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
3.400 किलो वजन के साथ हुआ स्वस्थ बच्चे का जन्म
शीतल ने धैर्य कुमार धु्रर्वे को जन्म दिया। जन्म के समय बच्चे का वजन 3.400 किलोग्राम था। बच्चे के जन्म और आवश्यक टीकाकरण के बाद योजना की दूसरी किश्त के लिए आवेदन किया गया। इसके बाद शीतल के बैंक खाते में 2 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई।
शीतल ने दूसरी किश्त की राशि का उपयोग भी अपने पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया। उनके अनुसार, योजना से मिली आर्थिक सहायता ने गर्भावस्था के दौरान जरूरी पोषण और स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान देने में मदद की।
बच्चे के विकास की भी नियमित निगरानी
बच्चे के जन्म के बाद भी शीतल ने उसके स्वास्थ्य और विकास को लेकर सजगता बरती। वह नियमित रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संपर्क में रहीं और बच्चे के वजन, ऊंचाई एवं शारीरिक वृद्धि की निगरानी कराती रहीं।
धैर्य कुमार का वजन 6 माह की उम्र में 6.800 किलोग्राम और 8 माह की उम्र में 8.300 किलोग्राम दर्ज किया गया। वर्तमान में बच्चा स्वस्थ बताया जा रहा है और उसका विकास सामान्य रूप से हो रहा है। शीतल बच्चे का नियमित टीकाकरण करा रही हैं और उसे स्तनपान भी करा रही हैं।
आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य जागरूकता भी
शीतल के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केवल आर्थिक सहायता प्राप्त करने का माध्यम नहीं रही, बल्कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के शुरुआती विकास तक बेहतर स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में मार्गदर्शन का आधार भी बनी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सतत मार्गदर्शन और योजना से मिली सहायता के कारण शीतल ने गर्भावस्था के दौरान खान-पान, जांच और दवाइयों को लेकर विशेष सावधानी बरती।
कबीरधाम जिले में योजना के तहत हजारों महिलाओं को मिल रहा आर्थिक सहयोग सुरक्षित मातृत्व, पोषण और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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