‘नमस्ते’ योजना में छत्तीसगढ़ संयुक्त रूप से देश में प्रथम
1428 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को PPE किट, 1374 के आयुष्मान कार्ड बनाए गए; 139 कर्मियों को मिला व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण
स्वच्छता कर्मियों के लिए 47 ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन से आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निकायों और अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई, कहा- स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियां सर्वोच्च प्राथमिकता
रायपुर । सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के अंतर्गत राज्यों के प्रदर्शन की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
छत्तीसगढ़ के साथ आंध्रप्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी भी ‘नमस्ते’ योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से देश में पहले स्थान पर हैं।

स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर नगरीय निकायों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और ‘नमस्ते’ योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी मैदानी अमले को बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण कार्यों को समाप्त करना और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्य का वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।
साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का ‘नमस्ते’ योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि स्वच्छता कर्मियों के सम्मान, सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य करने की दिशा में छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
1487 कर्मियों का सर्वेक्षण, 1465 का सत्यापन
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य में अब तक 1487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें से 1465 कर्मियों का सत्यापन किया जा चुका है।
169 नगरीय निकायों में 1428 कर्मियों को PPE किट वितरित किए गए हैं, जबकि 1374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 139 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है।
वहीं 923 स्वच्छता कर्मियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस साल 14 जुलाई को राज्य के सभी नगरीय निकायों में ‘नमस्ते’ दिवस का आयोजन किया गया था। इसमें 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों ने सहभागिता की थी।
इन कार्यक्रमों के दौरान स्वच्छता कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण (OST), कर्मचारियों का सम्मान तथा PPE किट एवं आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया गया।
8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग
‘नमस्ते’ योजना के अंतर्गत वेस्ट पिकर्स के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में 8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 6799 का सत्यापन पूरा हो चुका है।
इनमें से 991 वेस्ट पिकर्स को PPE किट दिए जा चुके हैं। वहीं 512 वेस्ट पिकर्स को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। विभाग की ओर से अभी 6287 और वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है।
47 ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन से आपातकालीन सेवा
स्वच्छता कर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य में 47 ईआरएसयू (Emergency Response Sanitation Units) स्थापित किए गए हैं।
इनमें 14 नगर निगमों, 24 जिला मुख्यालयों तथा 9 द्वितीय सर्वाधिक जनसंख्या वाले निकायों में ईआरएसयू स्थापित किए गए हैं। इनमें से 39 ईआरएसयू को सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में स्वच्छता कर्मियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षित स्वच्छता कार्य सुनिश्चित करना है।
100 अंकों के पैमाने पर हुआ राज्यों का मूल्यांकन
राज्यों में ‘नमस्ते’ योजना के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 100 अंकों के निर्धारित पैमाने पर किया गया है। इसमें प्रोफाइल किए गए स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।
एसयूवाय (SUY) के माध्यम से मशीनीकरण के लिए 10 अंक, ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 अंक, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए 20 अंक तथा स्वच्छता मृत्यु से संबंधित मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा एवं जवाबदेही के लिए 30 अंक निर्धारित हैं।
इसके अतिरिक्त स्वच्छता मृत्यु के मामलों में नकारात्मक अंक का भी प्रावधान है। निर्धारित मूल्यांकन मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से प्रथम रैंक हासिल की है।
2023 से संचालित है ‘नमस्ते’ योजना
सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 से ‘नमस्ते’ योजना शुरू की गई है।
योजना का उद्देश्य स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ाना, असुरक्षित एवं खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई की प्रथा को समाप्त करना तथा स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य यानी ‘Zero Fatality’ करना है।
योजना के अंतर्गत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मी (SSW), कचरा बीनने वाले (Waste Pickers), नाली साफ करने वाले तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) एवं फ़ीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) में कार्यरत कर्मियों को शामिल किया गया है।
दो केंद्रीय मंत्रालयों के संयुक्त प्रयास से योजना का संचालन
‘नमस्ते’ योजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) योजना की राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। योजना के तहत स्वच्छता कर्मियों की पहचान, सत्यापन, सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा के साथ आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
राज्य की इस उपलब्धि को स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।

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