जनसेवा से राष्ट्र निर्माण तक : ‘सेवा संकल्प उत्सव’ को जन-जन का अभियान बनाने का आह्वान
बिलासपुर में भाजपा जिला कार्यशाला में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कार्यकर्ताओं को दिया सेवा का मंत्र; 25 वर्षों की सुशासन यात्रा को समर्पित एक माह के अभियान की रूपरेखा तैयार
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। राजनीति जब सत्ता के बजाय सेवा का माध्यम बनती है, तब वह समाज और राष्ट्र के निर्माण की शक्ति बन जाती है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर (ग्रामीण) द्वारा आयोजित ‘सेवा संकल्प उत्सव’ की जिला स्तरीय कार्यशाला एवं जिला कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से जनसेवा को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला अध्यक्ष मोहित जायसवाल, बिलासपुर सह-संभाग प्रभारी अभिषेक शुक्ला सहित पार्टी के विभिन्न मोर्चों, प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


25 वर्षों की सेवा यात्रा को जनभागीदारी का उत्सव बनाने का संकल्प
कार्यशाला को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि ‘सेवा संकल्प उत्सव’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनसमर्पण की 25 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई सेवा-यात्रा वर्ष 2014 से देश के प्रधानसेवक के रूप में निरंतर आगे बढ़ रही है। सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास, सहभागिता और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को नई ऊर्जा देने का अवसर है।
साहू ने कहा कि इस यात्रा को केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से जनसेवा के महाअभियान में बदलना ही इसका वास्तविक उद्देश्य है।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा का संकल्प
इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह की इस अवधि में चार महत्वपूर्ण अवसर सेवा, संस्कार और सुशासन के व्यापक संदेश से जोड़े जाएंगे।
17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर श्रम, कौशल और सेवा के सम्मान का संकल्प लिया जाएगा।
25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर अंत्योदय के विचार को जनसेवा का आधार बनाने का संदेश दिया जाएगा।
2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर सत्य, स्वच्छता, सेवा और ग्राम स्वराज की प्रेरणा को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं 7 अक्टूबर को सार्वजनिक जीवन में सेवा और सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक पड़ाव को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को नई गति देने के अवसर के रूप में मनाया जाएगा।
13 प्रमुख जनसेवा कार्यक्रम बनेंगे अभियान की पहचान
‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जनभागीदारी और सेवा भावना को व्यापक रूप देने के लिए 13 प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
‘आशीर्वाद का दीया’ के माध्यम से 17 सितंबर को कार्यकर्ता बूथ स्तर पर लाभार्थी परिवारों के घर-घर पहुंचकर आभार का दीया जलाएंगे।
‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
‘आंगन का उत्सव’ के तहत 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन दिवसीय उत्सव आयोजित कर बहनों का अभिनंदन तथा बच्चों को फल एवं मिठाई का वितरण किया जाएगा।
‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से स्थानीय भाषाओं में नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा और 2 अक्टूबर को 100 प्रमुख स्थानों पर विशेष प्रस्तुतियां होंगी।
‘सेवा ज्योति यात्रा’ के अंतर्गत अखंड ज्योति के साथ गांव-गांव अनुशासित पदयात्राएं और बाइक रैलियां आयोजित की जाएंगी।
‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ में 250 बाइकों पर 500 यात्री पवित्र नदियों का जल लेकर शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे तथा जनसंवाद के माध्यम से सेवा का संदेश पहुंचाएंगे।
‘रंगोली राष्ट्र’ के तहत सार्वजनिक स्थलों पर Human Rangoli और 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडला’ आकर्षण का केंद्र बनेगा।
‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें नागरिक 25 निर्धारित सेवा कार्यों में से किसी एक कार्य का चयन कर न्यूनतम 25 मिनट का योगदान देंगे तथा My Bharat Portal पर रील अपलोड कर डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त करेंगे।
‘सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार’ के माध्यम से ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर लगाकर नागरिकों को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके साथ ही रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, वृक्षारोपण एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक सेवा तथा नदी स्वच्छता एवं सामूहिक आरती जैसे कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा होंगे।
रक्तदान शिविरों के साथ एनीमिया, पोषण और वेलनेस की जांच होगी। पंचायतों और स्कूलों में पौधारोपण किया जाएगा। दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक उपकरण वितरण, मोतियाबिंद जांच और डिजिटल साक्षरता शिविर आयोजित होंगे। नदी तटों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सामूहिक आरती के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया जाएगा।
सेवा को राजनीति से ऊपर उठाकर सामाजिक संस्कार बनाने की जरूरत
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू का यह आह्वान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘सेवा संकल्प उत्सव’ का मूल उद्देश्य किसी एक कार्यक्रम को सफल बनाना भर नहीं, बल्कि सेवा को सामाजिक संस्कार और जनभागीदारी की स्थायी भावना बनाना है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से अपील की कि 17 सितंबर की सेवा भावना, 25 सितंबर के अंत्योदय, 2 अक्टूबर की स्वच्छता और 7 अक्टूबर के सुशासन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि जनसेवा ही राष्ट्र निर्माण का परम मार्ग है। जब सेवा का भाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा, तभी ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि जनभागीदारी से साकार होने वाला राष्ट्रीय संकल्प बनेगा।

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