सेवा से संकल्प तक : 25 वर्षों की सार्वजनिक यात्रा को समर्पित ‘सेवा संकल्प अभियान’
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की पहल
रायपुर। सार्वजनिक जीवन में लंबी यात्रा केवल पद और जिम्मेदारियों का सिलसिला नहीं होती, बल्कि यह समाज और देश के प्रति निरंतर सेवा, संघर्ष और संकल्प की कहानी भी होती है। इसी भाव को केंद्र में रखते हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की जा रही है। अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। अभियान की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक जीवन की 25 वर्षों की सेवा यात्रा को केंद्र में रखती है।
‘सेवा संकल्प’ केवल एक आयोजन का नाम नहीं, बल्कि सेवा को सामाजिक सहभागिता से जोड़ने का संदेश देने वाला अभियान है। इसका उद्देश्य नागरिकों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए सकारात्मक जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।

25 वर्ष की सेवा यात्रा बना अभियान का केंद्र
अभियान की प्रचार सामग्री में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को प्रमुखता दी गई है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनकी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ी और वे देश के प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे। अभियान इसी लंबी सार्वजनिक यात्रा को ‘सेवा के 25 वर्ष’ की थीम के साथ प्रस्तुत कर रहा है।

पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तस्वीर भी शामिल है। इससे अभियान के छत्तीसगढ़ से जुड़े स्वरूप को भी प्रमुखता मिलती है।
सेवा को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और समाज की सहभागिता विकास की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से इसी जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जा रहा है। अभियान के दौरान सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी, जरूरतमंदों की सहायता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को जनसहभागिता से जोड़ने की संभावनाएं दिखाई देती हैं।
अभियान का संदेश यह भी है कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से भी संभव है। जब व्यक्ति अपने आसपास के समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझता है, तो छोटी-छोटी पहल व्यापक परिवर्तन का आधार बन सकती है।
छत्तीसगढ़ के विकास की तस्वीर भी प्रचार सामग्री में
अभियान के पोस्टर में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और विकास यात्रा को दर्शाने वाले विभिन्न चित्रों को स्थान दिया गया है। इनमें धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक अधोसंरचना, परिवहन, कृषि, महिला सशक्तीकरण, डिजिटल भुगतान और श्रम से जुड़े दृश्य दिखाई देते हैं।
यह दृश्यात्मक प्रस्तुति बताती है कि अभियान में सेवा की अवधारणा को केवल राजनीतिक गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय विकास और जनजीवन के विभिन्न पहलुओं से जोड़कर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
एक महीने तक चलेगा अभियान
17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला यह अभियान एक महीने की अवधि में विभिन्न स्तरों पर जनसंपर्क और सहभागिता का माध्यम बन सकता है। अभियान की अवधि में नागरिकों से सेवा भावना के साथ जुड़ने और सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी का आह्वान किया जा रहा है।
सेवा का संकल्प ही समाज की ताकत
‘सेवा संकल्प अभियान’ की मूल भावना को यदि व्यापक सामाजिक संदर्भ में देखा जाए तो सेवा किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, समाज, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक—सभी की अपनी भूमिका है। समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता, जरूरतमंदों की सहायता और सार्वजनिक हित के कार्यों में भागीदारी लोकतांत्रिक समाज को मजबूत बनाती है।
25 वर्षों की सार्वजनिक यात्रा और एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी विचार को सामने रखने का प्रयास है कि पद बदल सकते हैं, परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन जनसेवा और राष्ट्रहित का संकल्प निरंतर बना रहना चाहिए।

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