दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण
NSP पोर्टल पर पंजीयन, ओटीआर और दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई, 30 सितंबर तक शत-प्रतिशत पंजीयन पर जोर
मुंगेली। राज्य शासन द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों के हित में संचालित राज्य दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना का लाभ जिले के प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंचाने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बीआरसी कार्यालय मुंगेली में जिला शिक्षा अधिकारी एम.एल. पटेल एवं जिला मिशन समन्वयक अशोक सोनी, आईईडी प्रभारी एपीसी लेखराम साहू के मार्गदर्शन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के निर्देशानुसार किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्या की देवी मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि इस वर्ष से दिव्यांगजन छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से ऑनलाइन की जानी है। पोर्टल पर स्कूल अथवा संस्था का पंजीयन, विद्यार्थियों का पंजीयन, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन के सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं को लेकर शिक्षकों को आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

NSP पोर्टल की प्रक्रिया समझाई
कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को छात्रवृत्ति आवेदन की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई। प्रशिक्षण में समाज कल्याण विभाग जिला इकाई मुंगेली से आनंद सोनी एवं निर्मलकर तथा शिक्षा विभाग के विकासखंड स्रोत कार्यालय से समावेशी शिक्षा खंड प्रभारी संजीव सक्सेना एवं स्पेशल एजुकेटर कौशल पात्रे ने प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षकों ने बताया कि NSP पोर्टल पर स्कूल अथवा संस्था का रजिस्ट्रेशन किस प्रकार किया जाना है। इसके साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए ओटीआर (One Time Registration) की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। शिक्षकों को विद्यार्थियों के आवश्यक दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान UDID कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया बताई गई। इसके अलावा आवेदन भरते समय होने वाली सामान्य गलतियों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी भी दी गई, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि के कारण पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित न हो।
कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे
इस अवसर पर बीईओ घृतलहरे ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि कोई भी पात्र दिव्यांग विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराएं।
उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है। ऐसे में शिक्षकों से कहा गया कि वे समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए पात्र विद्यार्थियों का पंजीयन पूरा कराएं और आवश्यक दस्तावेजों की जांच भी सुनिश्चित करें।
43 संकुलों के 82 शिक्षक हुए शामिल
कार्यशाला में विकासखंड के सभी 43 संकुलों से लगभग 82 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। इसके अलावा बड़ी संख्या में व्याख्याता, संकुल समन्वयक, प्रधान पाठक एवं नोडल शिक्षक भी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई, जिससे वे अपने विद्यालयों के दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल पोर्टल संबंधी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि पात्र विद्यार्थियों के आवेदन समय पर पूर्ण कराकर उन्हें योजना के लाभ से जोड़ना भी रहा।
कार्यक्रम के अंत में संकुल समन्वयक उमेश साहू ने समापन किया। शिक्षक दुर्गेश देवांगन ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों ने प्रशिक्षण के माध्यम से मिली जानकारी को विद्यालय स्तर पर लागू करते हुए पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों का समय-सीमा के भीतर पंजीयन पूर्ण कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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