हार्ट अटैक के उपचार में लगने वाला महंगा इंजेक्शन भी सरकारी अस्पताल में निशुल्क
एसीआई में हृदय रोगियों को जीवनरक्षक और आधुनिक दवाओं की निःशुल्क सुविधा
टिकैग्रिलोर, एज़ेटिमाइब, मावाकैम्टेन, इवोलोकुमैब समेत कई आधुनिक हृदय संबंधी दवाएं उपलब्ध
रायपुर । हार्ट अटैक और गंभीर हृदय रोगों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कई महंगी एवं जीवनरक्षक दवाएं और इंजेक्शन अब सरकारी अस्पताल में मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में उपचार के दौरान चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार इन दवाओं की सुविधा मरीजों को दी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से उपलब्ध कराई जा रही इस सुविधा से गंभीर हृदय रोगों से जूझ रहे गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों तथा उनके परिजनों को महंगी दवाओं की खरीद के आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है। खासकर हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की अस्पताल में उपलब्धता उपचार प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

आधुनिक हृदय रोग की कई दवाएं अस्पताल में उपलब्ध
एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) स्मित श्रीवास्तव के अनुसार अस्पताल में हृदय रोगों के उपचार से संबंधित कई महत्वपूर्ण दवाएं उपलब्ध हैं। इनमें टिकैग्रिलोर 90 मिलीग्राम की गोली, टेनेक्टेप्लेस (टीएनके-टीपीए) इंजेक्शन, व्यामाडा गोली, एज़ेटिमाइब गोली, मावाकैम्टेन गोली, सरोग्लिटाज़ार गोली, इवोलोकुमैब (रिपाथा) इंजेक्शन, सेमाग्लूटाइड गोली तथा न्यूमोकोकल वैक्सीन इंजेक्शन शामिल हैं।

इन दवाओं का उपयोग मरीज की बीमारी, स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार किया जाता है। अस्पताल में इनकी उपलब्धता से उपचार के दौरान जरूरी दवाओं के लिए मरीजों के परिजनों को बाहर की दुकानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।
बाजार में महंगी, अस्पताल में निःशुल्क
डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार इनमें से कई दवाओं की बाजार कीमत सामान्य दवाओं की तुलना में काफी अधिक है। उदाहरण के तौर पर टिकैग्रिलोर 90 मिलीग्राम, इवोलोकुमैब, टेनेक्टेप्लेस, मावाकैम्टेन सहित अन्य विशेष दवाओं की कीमतें ब्रांड, डोज और पैक-साइज के अनुसार अलग-अलग होती हैं।
बताया गया है कि टेनेक्टेप्लेस की बाजार कीमत लगभग 35 से 40 हजार रुपये और मावाकैम्टेन की बाजार कीमत लगभग 21 से 22 हजार रुपये तक हो सकती है। ऐसे में इन दवाओं का अस्पताल में चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क उपलब्ध होना मरीजों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत का माध्यम बन रहा है।
हार्ट अटैक के उपचार में उपयोग होने वाले इंजेक्शन भी उपलब्ध
गंभीर हृदय रोगियों, विशेषकर हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उपयोग होने वाले रिकॉम्बिनेंट टिश्यू प्लास्मिनोजेन एक्टिवेटर (TNK-t-PA) यानी टेनेक्टेप्लेस के 20 मिलीग्राम, 30 मिलीग्राम और 40 मिलीग्राम इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही स्ट्रेप्टोकाइनेज 15 लाख IU इंजेक्शन भी उपलब्ध है।
ये दवाएं विशेष परिस्थितियों में रक्त के थक्के को घोलने के लिए चिकित्सकीय निगरानी में उपयोग की जाती हैं। हार्ट अटैक के मरीजों में समय पर आवश्यक दवा उपलब्ध होना उपचार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एसीआई में इन दवाओं की उपलब्धता से आपातकालीन उपचार के दौरान दवा के लिए बाहरी निर्भरता काफी कम होती है।
एंजियोग्राफी सहित उपचार में उपयोगी दवाओं की भी व्यवस्था
एसीआई में हृदय रोगों के उपचार के साथ एंजियोग्राफी में उपयोग होने वाला नॉन-आयोनिक कॉन्ट्रास्ट मीडिया—ऑम्निपेक और विजिपेक भी अस्पताल की आपूर्ति में उपलब्ध है।
इसके अलावा अस्पताल की आपूर्ति में एनोक्सापारिन 60 मिलीग्राम इंजेक्शन, हेपरिन, ह्यूमन एल्ब्यूमिन 20 प्रतिशत, नाइट्रोग्लिसरीन, निकोरैंडिल, आइसोप्रेनालिन, लिडोकेन, इमिपेनम-सिलास्टिन, पाइपरैसिलिन-टैजोबैक्टम, लाइनज़ोलिड, टीकोप्लानिन और सेवोफ्लुरेन सहित अन्य आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध हैं।
इन दवाओं की उपलब्धता से गंभीर हृदय रोगियों को उपचार के दौरान आवश्यक दवाओं के लिए बाहर से खरीदारी करने की जरूरत कम होती है। इससे बीमारी के उपचार के साथ परिवार पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम करने में मदद मिलती है।
महंगी दवाओं की खरीदी से परिवारों को राहत
पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के अनुसार अस्पताल में उपलब्ध दवाओं में कई ऐसी हैं, जिनकी बाजार कीमत काफी अधिक है। गंभीर बीमारी के दौरान इन दवाओं और इंजेक्शनों की निजी तौर पर खरीद मरीज के परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इनकी निःशुल्क उपलब्धता मरीजों के लिए बड़ी राहत है।
उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारी के उपचार के दौरान दवाओं की आवश्यकता तत्काल होती है। ऐसे समय में यदि आवश्यक दवाएं अस्पताल में ही उपलब्ध हों, तो मरीज के परिजनों को उपचार के बीच दवा की व्यवस्था के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता और उपचार प्रक्रिया को सुचारू रखने में मदद मिलती है।
समय पर उपचार में मददगार व्यवस्था
अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में गंभीर हृदय रोगियों के उपचार में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण एवं महंगी दवाएं और इंजेक्शन अस्पताल की व्यवस्था के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विशेष रूप से हार्ट अटैक, गंभीर संक्रमण, रक्त के थक्के तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक दवाओं की अस्पताल में उपलब्धता से मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। साथ ही परिजनों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने की जरूरत नहीं होती।
सरकारी अस्पताल में आधुनिक उपचार की सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को बेहतर एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में महंगी, आधुनिक एवं जीवनरक्षक दवाओं की निःशुल्क उपलब्धता गंभीर हृदय रोगियों के लिए उपचार की सुविधा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में सामने आई है। विशेषकर उन मरीजों के लिए, जिनके परिवार महंगी दवाओं और इंजेक्शनों का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं होते, अस्पताल में उपचार के दौरान आवश्यक दवाओं की उपलब्धता आर्थिक राहत देने वाली है।
इस व्यवस्था का लाभ हार्ट अटैक और अन्य गंभीर हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को उनकी चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मिल रहा है।

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