मावली माता मंदिर चोरी का एक माह बाद भी सुराग नहीं, मारो पुलिस के हाथ खाली

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एसआईटी गठन के बाद भी नहीं मिली सफलता, मंदिर में चांदी के करीब 900 ग्राम आभूषण चोरी होने से नगरवासियों में नाराजगी

रिपोर्टर विनय सिंह, ब्यूरो बेमेतरा

मारो। नगर पंचायत मारो स्थित प्रसिद्ध मावली माता मंदिर में माता रानी के श्रृंगार के आभूषणों की चोरी की घटना को एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक अज्ञात चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है, लेकिन लंबे समय बाद भी आरोपियों तक नहीं पहुंच पाने से नगरवासियों में नाराजगी और असंतोष देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रि गश्त को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

घटना के बाद नगरवासियों की नाराजगी और दबाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले के निराकरण के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की बात सामने आ रही है।

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दीवार फांदकर मंदिर में घुसे थे चोर

जानकारी के अनुसार मावली माता मंदिर में 20-21 अगस्त की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोर मंदिर की दीवार फांदकर अंदर पहुंचे। इसके बाद मंदिर के छोटे गेट को कटर से काटकर अंदर प्रवेश किया और मुख्य दरवाजे का कुंदा तोड़ दिया।

चोर गर्भगृह तक पहुंचे और माता रानी के श्रृंगार में उपयोग किए जाने वाले आभूषणों को लेकर फरार हो गए। चोरी किए गए सामान में मुकुट, कुंडल, क्षत्र, कवच, करधन सहित चांदी के अन्य श्रृंगार के आभूषण शामिल बताए गए हैं। इन आभूषणों का कुल वजन करीब 900 ग्राम बताया गया है।

पूजा करने पहुंचे पुजारी को मिली चोरी की जानकारी

सुबह जब पुजारी मंदिर में पूजा करने पहुंचे, तब मंदिर में चोरी होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद मंदिर समिति के सदस्यों को सूचना दी गई और 21 अगस्त को पुलिस चौकी में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ चोरों तक पहुंचने के लिए विभिन्न पहलुओं की जांच की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

पहले भी मंदिरों में हो चुकी हैं चोरी की घटनाएं

स्थानीय लोगों के अनुसार मावली माता मंदिर में इससे पहले भी चोरी की घटना हो चुकी है। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर तथा महामाया मंदिर के पास स्थित हनुमान मंदिर में भी अज्ञात चोरों द्वारा चोरी की घटनाओं को अंजाम दिए जाने की बात सामने आती रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन घटनाओं में भी अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के कारण मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों में लगातार होने वाली चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

पुलिस गश्त और बल की कमी को लेकर सवाल

नगरवासियों का आरोप है कि मारो पुलिस चौकी क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस गश्त नहीं होने तथा पुलिस बल की कमी के कारण आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। हालांकि इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित रात्रि गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और पूर्व में हुई घटनाओं की जांच में तेजी जरूरी है।

पुराने मामलों का भी दिया जा रहा हवाला

स्थानीय नागरिकों द्वारा मारो क्षेत्र में पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का भी हवाला दिया जा रहा है। उनके अनुसार वार्ड 15 में संचालित शासकीय शराब भट्टी में कुछ वर्ष पहले करीब तीन लाख रुपये की चोरी की घटना हुई थी। इसके अलावा जिला सहकारी बैंक की मारो शाखा में भी अज्ञात चोरों ने बैंक का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया था। हालांकि वे तिजोरी का ताला तोड़ने में सफल नहीं हो सके थे।

उस मामले में भी डॉग स्क्वायड की मदद ली गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक जांच का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।

अवैध गतिविधियों को लेकर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि मारो पुलिस चौकी क्षेत्र में कई प्रकार की कथित अवैध गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। इनमें बिना लाइसेंस कबाड़ कारोबार, कोयले के अवैध भंडारण एवं परिवहन, ढाबों की आड़ में शराब और गांजा बिक्री तथा पेट्रोल-डीजल की कथित अवैध बिक्री जैसे आरोप शामिल हैं।

नादघाट के पास स्थित एक ढाबे में कर्मचारियों द्वारा ट्रक टैंकर से कथित रूप से डीजल चोरी किए जाने का वीडियो भी पूर्व में सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात स्थानीय लोगों द्वारा कही जा रही है। इन मामलों में संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

गौवंश तस्करी की घटनाओं का भी जिक्र

मारो चौकी क्षेत्र में समय-समय पर गौवंशों की कथित अवैध तस्करी की खबरें भी सामने आने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। कुछ दिन पूर्व मारो क्षेत्र से गौवंश भरकर जा रही एक पिकअप वाहन के पलटने से तीन गौवंशों की घटनास्थल पर मौत होने तथा कुछ के घायल होने की घटना का भी उल्लेख किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक आपराधिक और संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस को सक्रिय निगरानी रखने की आवश्यकता है।

चौकी को थाना बनाने की मांग

नगरवासियों का कहना है कि मारो पुलिस चौकी करीब 43-44 वर्षों से संचालित है। क्षेत्र के बढ़ते विस्तार और लगातार सामने आ रही विभिन्न प्रकार की घटनाओं को देखते हुए चौकी का उन्नयन कर उसे थाना का दर्जा दिया जाना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठ रही है।

लोगों का कहना है कि यदि पुलिस बल बढ़ता है और क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी व्यवस्था मजबूत होती है, तो चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है।

एसआईटी जांच से लोगों को अब भी उम्मीद

मावली माता मंदिर चोरी मामले में एसआईटी के गठन के बाद नगरवासियों को उम्मीद थी कि जल्द ही चोरों तक पुलिस पहुंच जाएगी। घटना को एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी सुराग नहीं मिलने से लोगों की चिंता बढ़ी है। अब नगरवासियों की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई और एसआईटी की जांच के परिणाम पर है।

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मंदिर से चोरी किए गए आभूषणों की बरामदगी और अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे तक पहुंचाना है।

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