गंगरेल बांध के 14 गेट खुलने से शिवनाथ नदी उफान पर, जोंधरा-लवन-बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग पर आवागमन ठप
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
मस्तूरी/बिलासपुर। गंगरेल बांध धमतरी से पानी छोड़े जाने और बांध के 14 गेट खोले जाने के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी में जलप्रवाह बढ़ने के साथ ही आसपास के नदी-नाले भी उफान पर आ गए हैं। कई स्थानों पर पानी पुल-पुलियों और सड़कों के ऊपर से बहने लगा है। इसके चलते जोंधरा से लवन, बलौदाबाजार होते हुए रायपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। मार्ग पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण लोगों की आवाजाही रोक दी गई है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को नदी-नालों के पास नहीं जाने तथा पानी के तेज बहाव वाले स्थानों को पार करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है।

प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मस्तूरी एसडीएम शिवकुमार कंवर, तहसीलदार नीलम पिस्दा, थाना प्रभारी कमला पूसाम ठाकुर, पुलिस बल एवं क्षेत्र के पटवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों का स्थल निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए गांवों में मुनादी कराई जा रही है। कोटवारों के माध्यम से ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और नदी अथवा जलमग्न मार्गों के नजदीक जाने से बचें। आवश्यकता पड़ने पर निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भी कहा गया है।
राहत एवं भोजन व्यवस्था शुरू
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित लोगों और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों के लिए स्थानीय स्तर पर राहत कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं। ग्रामीण स्तर पर प्रभावित लोगों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
सरपंच प्रतिनिधि विष्णु, उपसरपंच राम तिवारी, विक्की तिवारी एवं कैवर्त सहित स्थानीय लोगों द्वारा प्रभावित ग्रामीणों तथा मौके पर मौजूद लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था में सहयोग किया जा रहा है। प्रशासन ने भी ग्राम पंचायतों को अलर्ट पर रहने और जरूरत के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
जलस्तर पर लगातार नजर
गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद शिवनाथ नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नदी का पानी किन क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, किन मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है और निचले इलाकों में स्थिति कैसी है, इसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन तथा पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अमला तैयार रखा गया है।
फिलहाल जोंधरा-लवन-बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग पर आवागमन बाधित होने से यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा जलस्तर और सड़क की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा परिस्थितियों के अनुसार आगे आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

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