निर्माणाधीन पुल पर युवक की मौत का मामला: दो महीने बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
पुलिस जांच पर उठाए सवाल, आखिरी समय में साथ रहे तीन युवकों पर संदेह; पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निष्कर्ष का इंतजार
मुंगेली। जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत अमरटापू-मोतिनपुर में निर्माणाधीन पुल पर युवक की मौत का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। घटना के करीब दो महीने बाद भी युवक की मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं होने से परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का दावा है कि मामला आत्महत्या का नहीं, बल्कि हत्या का हो सकता है। उन्होंने युवक के साथ आखिरी समय में मौजूद रहे तीन युवकों पर भी संदेह जताया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक हत्या या किसी संदिग्ध की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल मामले में चिकित्सकीय और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निष्कर्ष सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

निर्माणाधीन पुल पर मिला था युवक का शव
मिली जानकारी के अनुसार, टेढ़ाधौरा निवासी पीयूष सिंह, उम्र 23 वर्ष, कांति कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार के अधीन निर्माणाधीन पुल पर चौकीदार के रूप में कार्यरत था। 20 अगस्त को उसका शव निर्माण स्थल पर फांसी के फंदे पर लटका मिला था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। हालांकि, घटना के बाद से ही परिजन युवक की मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

शव की स्थिति को लेकर परिजनों ने जताया संदेह
मृतक के परिजनों का कहना है कि घटनास्थल पर शव जिस स्थिति में मिला था, उससे उन्हें आत्महत्या की आशंका के बजाय हत्या का संदेह हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान कथित तौर पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई। इसी को लेकर उन्होंने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए पुलिस को चार पन्नों का दस्तावेज सौंपा है। इसमें उन बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर परिवार पीयूष की मौत को संदिग्ध मान रहा है।
परिजनों ने पीयूष के साथ आखिरी समय में मौजूद रहे तीन युवकों की भूमिका पर भी संदेह जताया है। हालांकि, यह परिजनों की ओर से व्यक्त की गई आशंका है। इन युवकों के खिलाफ किसी अपराध में संलिप्तता की पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है।
बिसरा और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच
परिजनों के मुताबिक, पोस्टमार्टम के दौरान भी मौत की वजह को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी थी। इसके बाद जांच के लिए बिसरा सुरक्षित कर भेजा गया। अब बिसरा रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम से संबंधित दस्तावेज चिकित्सक के पास भेजे गए हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारण के संबंध में अंतिम चिकित्सकीय राय प्राप्त की जा सके।
मामले में इन रिपोर्टों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनके आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने और जांच की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट मिलने और पुलिस की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
एसडीओपी बोले—रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई
मामले में मुंगेली के एसडीओपी आशीष अरोड़ा ने बताया कि जिला अस्पताल के चिकित्सक को संबंधित रिपोर्ट भेज दी गई हैं। एक-दो दिन में चिकित्सक की अंतिम रिपोर्ट आने की उम्मीद है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंतिम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पीयूष सिंह की मौत के करीब दो महीने बाद भी मामला स्पष्ट नहीं होने से परिजन जवाब चाहते हैं। वे जांच में उठाए गए अपने सवालों और संदेहों का निष्पक्ष तरीके से परीक्षण किए जाने की अपेक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर, पुलिस चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
फिलहाल पीयूष की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, यह जांच का विषय बना हुआ है। अब चिकित्सक की अंतिम रिपोर्ट और पुलिस की आगामी कार्रवाई से मामले में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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