ऑपरेशन बाज के तहत बिल्हा पुलिस की कार्रवाई, दो स्थायी वारंटी गिरफ्तार
दो साल से बाबा का वेश धारण कर पुलिस से बच रहा था मारपीट का वारंटी, मतदाता परिचय पत्र से हुई पहचान
एक सप्ताह में छह स्थायी वारंट तामील, आबकारी मामले के वारंटी को भी पकड़ा

बिलासपुर। जिले में फरार स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन बाज के तहत बिल्हा पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इनमें मारपीट के मामले में करीब दो साल से फरार एक वारंटी बाबा का वेश धारण कर दूसरे गांवों में घूम रहा था और भिक्षा मांगकर जीवनयापन कर रहा था। वेशभूषा बदलने के कारण उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने मतदाता परिचय पत्र में दर्ज तस्वीर के आधार पर उसकी पहचान की और उसे पकड़ लिया। वहीं, आबकारी मामले में फरार दूसरे स्थायी वारंटी को तिफरा क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत एक सप्ताह के भीतर छह स्थायी वारंट तामील किए जा चुके हैं।

बाबा का वेश धारण कर घूम रहा था वारंटी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को ऑपरेशन बाज के तहत स्थायी वारंटियों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के मार्गदर्शन में बिल्हा थाना स्तर पर टीम गठित कर फरार वारंटियों की पतासाजी की जा रही थी।
इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मारपीट के मामले में स्थायी वारंटी जगदीश बांधे पिछले करीब दो वर्षों से बाबा का वेश धारण कर अन्य गांवों में घूम रहा है। वह भिक्षा मांगकर जीवनयापन कर रहा था। वेशभूषा बदल लेने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी उसकी पहचान आसानी से नहीं हो पा रही थी।
मतदाता परिचय पत्र से हुई पहचान
पुलिस ने वारंटी की तलाश के लिए संबंधित ग्राम के सरपंच से संपर्क कर उसके मतदाता परिचय पत्र की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उसकी तस्वीर के आधार पर पतासाजी शुरू की गई। 17 अक्टूबर 2026 को जगदीश बांधे बाबा की वेशभूषा में बिल्हा रेलवे स्टेशन पर घूमता मिला। पुलिस ने उसके चेहरे का मिलान मतदाता परिचय पत्र में दर्ज तस्वीर से किया, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। इसके बाद उसे थाने लाया गया।
आबकारी मामले का वारंटी भी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दूसरे स्थायी वारंटी मनोज टंडन, पिता सालिक टंडन, उम्र 33 वर्ष, निवासी इंद्रपुरी तिफरा, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर को भी गिरफ्तार किया। वह आबकारी मामले में जारी स्थायी वारंट के संबंध में फरार था। पुलिस ने उसकी पतासाजी कर उसे तिफरा क्षेत्र से पकड़ा। दोनों वारंटियों को न्यायालय में पेश किया गया।
एक सप्ताह में छह स्थायी वारंट तामील
बिल्हा पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन बाज के तहत स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत एक सप्ताह के भीतर छह स्थायी वारंट तामील किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार वारंटियों की तलाश और गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक आकाश कुमार बंजारे, निरीक्षक तोपसिंह नवरंग और आरक्षक क्रमांक 886 प्रताप साहू का विशेष योगदान रहा।

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