साइबर ठगी और म्यूल अकाउंट के जरिए फर्जीवाड़ा, सरकंडा पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

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11 साइबर शिकायतों से जुड़े संदिग्ध IDFC FIRST BANK खाते की जांच में खुलासा, SBI खाते का भी इस्तेमाल; एक अन्य आरोपी फरार

बिलासपुर। साइबर ठगी और म्यूल बैंक खातों के माध्यम से धोखाधड़ी के मामले में सरकंडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को संदिग्ध बैंक खातों में जमा कराने और फिर यूपीआई तथा एटीएम के माध्यम से निकालकर आपस में बांटने का आरोप है। मामले की जांच के दौरान एक बैंक खाते से संबंधित कुल 11 साइबर ठगी की शिकायतों की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से प्रकरण से संबंधित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एसबीआई बैंक के खातों को जप्त किया है। मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

11 साइबर शिकायतों से जुड़ा मिला संदिग्ध बैंक खाता

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय रायपुर एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिले में संचालित फर्जी और संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में भारत शासन के पुलिस पोर्टल समन्वय (JMIS) के माध्यम से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के खाता क्रमांक 10216095723 के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई।

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जांच में पोर्टल पर दर्ज साइबर ठगी की कुल 11 शिकायतों से संबंधित रकम के उक्त खाते में जमा होने और स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, संबंधित बैंक खाता ‘साहू बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर’ के नाम से पंजीकृत है। इसका प्रोपराइटर संजय कुमार साहू, पिता शिवकुमार साहू, उम्र 35 वर्ष, निवासी सेमरताल, गांधी चौक, थाना कोनी, जिला बिलासपुर है।

प्रलोभन देकर खातों में जमा कराते थे रकम

पुलिस के मुताबिक, आरोपी संजय कुमार साहू ने अपने फरार साथी के साथ मिलकर कथित रूप से आपराधिक षड्यंत्र रचा था। आरोप है कि विभिन्न प्रलोभनों और साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकालकर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एसबीआई के खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद यूपीआई और एटीएम के माध्यम से रकम निकालकर आपस में बांट ली जाती थी।

इस तरह के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। ऐसे खातों को सामान्यतः म्यूल अकाउंट कहा जाता है। पुलिस मामले में बैंक खातों के इस्तेमाल और धनराशि के लेन-देन से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है।

घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा

मामले में थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 1485/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2), 317(5), 318(4), 323 एवं 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। टीम ने पतासाजी कर संजय कुमार साहू को घेराबंदी के माध्यम से हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार, गवाहों के समक्ष पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने प्रकरण से संबंधित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एसबीआई बैंक के खातों को भी जप्त किया है।

फरार आरोपी की तलाश जारी

इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी पतासाजी कर रही है और शीघ्र गिरफ्तारी की बात कही गई है। पुलिस मामले में संदिग्ध बैंक खातों, साइबर शिकायतों और धनराशि के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

सरकंडा पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध बैंक खातों के नेटवर्क की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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