मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू शिवरीनारायण महोत्सव के शुभारंभ में हुए शामिल
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
त्रिवेणी संगम पर वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच हुई गंगा-महानदी आरती, भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति का किया स्मरण

शिवरीनारायण। धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति और परंपराओं के संगम के रूप में प्रसिद्ध शिवरीनारायण में आयोजित तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू शामिल हुए। इस अवसर पर महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के पावन त्रिवेणी संगम पर वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंखनाद के बीच भव्य गंगा-महानदी आरती आयोजित की गई। धार्मिक वातावरण में संपन्न आरती ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई।

महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर शिवरीनारायण की धार्मिक महत्ता, पौराणिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। यह आयोजन क्षेत्र की आस्था और लोकजीवन से जुड़ी परंपराओं को सामने लाने के साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को प्रोत्साहित करने का माध्यम बना।
भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति का किया स्मरण
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि शिवरीनारायण भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति, प्रेम एवं समर्पण की पावन भूमि है। भगवान श्रीराम द्वारा माता शबरी के बेर स्वीकार करने का प्रसंग सामाजिक समरसता, समानता और निष्काम भक्ति का शाश्वत संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि माता शबरी की भक्ति भारतीय संस्कृति में प्रेम, श्रद्धा और समर्पण के महत्व को दर्शाती है। शिवरीनारायण की धार्मिक पहचान इस पौराणिक प्रसंग से गहराई से जुड़ी हुई है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और ऐतिहासिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर
तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास को गति मिल रही है। उन्होंने शिवरीनारायण महोत्सव को प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक विरासत और स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से स्थानीय परंपराओं को नई पहचान मिलती है। साथ ही, क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का अवसर भी मिलता है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महोत्सव महत्वपूर्ण
शिवरीनारायण अपनी धार्मिक मान्यताओं और त्रिवेणी संगम के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां आयोजित महोत्सव धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने, स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने और क्षेत्र की पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
महोत्सव के माध्यम से स्थानीय लोककला, परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को मंच प्रदान करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक विशेषताओं को सामने लाने के साथ स्थानीय सहभागिता को बढ़ावा देते हैं।
क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने शिवरीनारायण महोत्सव के आयोजन पर क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के संकल्प को दोहराया।
तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के वातावरण में हुआ। त्रिवेणी संगम पर आयोजित आरती और भगवान श्रीराम-माता शबरी की भक्ति का स्मरण इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। महोत्सव के माध्यम से शिवरीनारायण की धार्मिक महत्ता और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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