स्वामित्व योजना: धमतरी ने रचा इतिहास, 50 हजार से अधिक परिवारों को मिला अपनी ज़मीन का ‘स्वामित्व अधिकार’

0
IMG-20261019-WA1289

​प्रदेश में धमतरी जिला अव्वल; 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वे पूरा, 63 हजार से अधिक अधिकार अभिलेख तैयार

​नवंबर 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की तैयारी, पारदर्शी एवं तकनीकी भूमि प्रबंधन की मिसाल बना जिला

रायपुर । धमतरी जिले ने केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में पूरे छत्तीसगढ़ में नया कीर्तिमान रचते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। इस योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि पर वर्षों से निवासरत 50 हजार से अधिक परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक दस्तावेज यानी अधिकार अभिलेख सौंपकर उन्हें मालिकाना हक प्रदान किया गया है। हाल ही में सेवा संकल्प अभियान और अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने 40 हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रदान किए।
योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिले के 501 ग्रामीण राजस्व ग्रामों में सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से अत्याधुनिक ड्रोन सर्वेक्षण कराया गया है। इसके जरिए आबादी क्षेत्र के भीतर स्थित मकानों, भूखंडों और शासकीय परिसंपत्तियों की सीमाओं का चूने से सीमांकन कर भौतिक सत्यापन किया गया। राजस्व अमले द्वारा मैदानी स्तर पर मिलान कर प्रारंभिक अभिलेख तैयार किए गए, जिसके बाद ई-कोर्ट प्रणाली के जरिए पारदर्शिता के साथ दावा-आपत्तियों का निराकरण किया गया। अंततः ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव और डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया के पश्चात यह अधिकार पत्र हितग्राहियों तक पहुंचाए जा रहे हैं।

NTPC World Environment Day


जिले में अब तक सभी 501 ग्रामों में प्रथम प्रकाशन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 390 से अधिक गांवों में अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया भी संपन्न हो चुकी है। निर्धारित 78,416 के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 63,826 अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 47 हजार से अधिक का वितरण हो चुका है। शेष ग्रामों में इस प्रक्रिया को नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।


इस अभियान से ग्रामीण परिवारों को दूरगामी आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलने शुरू हो गए हैं। संपत्ति के स्पष्ट दस्तावेज मिलने से आपसी भूमि विवादों पर विराम लगेगा, बैंक ऋण जैसी वित्तीय सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच आसान होगी और भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। ड्रोन तकनीक, मैदानी सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड के इस बेहतरीन समन्वय से धमतरी जिला ग्रामीण विकास, सुशासन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!