नशे के अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करें – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
मादक पदार्थों के उत्पादन से लेकर सप्लाई और विक्रय तक पूरे नेटवर्क की होगी जांच, अवैध कारोबारियों की संपत्ति होगी कुर्क
31 दिसंबर तक छह माह से अधिक पुराने जब्त मादक पदार्थों के विधिसम्मत नष्टीकरण के निर्देश
रायपुर : छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध चल रही कार्रवाई को और अधिक तीव्र तथा प्रभावी बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल केवल छोटे विक्रेताओं या निचले स्तर के कारिंदों तक ही पुलिसिया कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके बजाय, मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, आपूर्ति, वितरण और अंतिम बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान की जानी चाहिए और उसकी जड़ों पर सीधा प्रहार किया जाना चाहिए। नशे के इस काले कारोबार को संचालित करने वाले बड़े तस्करों, उन्हें वित्तीय सहयोग देने वाले वित्तपोषकों और संगठित गिरोहों के विरुद्ध भी कठोर एवं निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नियंत्रण से संबंधित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों, जब्त मादक पदार्थों, तस्करों पर हुई कार्रवाइयों, संपत्ति कुर्की, तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के राजसातीकरण (जब्ती व जब्ती के बाद सरकारी संपत्ति घोषित करने) और जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण की जिलावार विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध हमारी कार्रवाई केवल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके पूरे आर्थिक और आपराधिक तंत्र को जड़ से समाप्त करने के दिशा में ठोस और दिखने वाले परिणाम सामने आने चाहिए।


नशे के विरुद्ध अभियान देशभक्ति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प
बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह समाज और देश की सेवा के साथ-साथ सच्ची देशभक्ति का कार्य है। वर्तमान में देशभर में नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर जन-अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ विदेशी ताकतें भारत की युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेलने का षड्यंत्र रच रही हैं। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने देश के युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना और उनके भविष्य को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ लड़ी जाए। इस अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए, जिससे समाज में नशे के दुष्प्रभावों के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता विकसित की जा सके।
नशे के कारोबार की पूरी सप्लाई चेन की जांच करें
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांजा सहित अन्य सभी प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों की विस्तृत मैपिंग की जाए। प्रत्येक दर्ज मामले में मादक पदार्थों के मूल स्रोत, परिवहन मार्गों, आपूर्ति कर्ताओं, स्थानीय विक्रेताओं और पर्दे के पीछे बैठकर इस पूरे कारोबार को नियंत्रित करने वाले मुख्य सरगनाओं की पहचान की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल मादक पदार्थ ले जाने वाले वाहकों (कैरियर/माूल) या छोटे पैडलरों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। इसके पीछे सक्रिय बड़े कारोबारियों और संगठित नेटवर्क तक पहुंचकर उन्हें पूरी तरह समाप्त करना अनिवार्य है। इसके लिए प्रत्येक मामले में उत्पादन स्थल से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक बेचने वाली पूरी श्रृंखला (सप्लाई चेन) की गहन जांच की जाए।
नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति पर होगी सख्त कार्रवाई
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मादक पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों की त्वरित पहचान कर नियमानुसार उनकी कुर्की एवं जब्ती की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने NDPS एक्ट और सफेमा (SAFEMA – Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के अंतर्गत की गई कार्रवाइयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित कड़े प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
इसके साथ ही, उन्होंने नशे के कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की बारीक जांच के लिए एक विशेष समिति (Special Committee) गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) तथा अन्य वित्तीय एवं विधिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि अवैध कारोबार से अर्जित धन, बेनामी संपत्तियों और पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच तकनीकी एवं कानूनी रूप से प्रभावी ढंग से की जा सके। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों की आर्थिक रीढ़ पर चोट करना ही इस अवैध व्यापार को स्थायी रूप से रोकने का सबसे अचूक तरीका है।
सूखे नशे के खिलाफ सख्ती, मेडिकल स्टोरों की होगी नियमित जांच
प्रदेश में बढ़ते सूखे नशे और नशीली दवाओं (फार्मास्युटिकल ड्रग्स) के अवैध व्यापार पर चिंता जताते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसके खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में पुलिस प्रशासन को ड्रग इंस्पेक्टरों (औषधि निरीक्षकों) के साथ समन्वय स्थापित कर मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और कड़ी निगरानी करने को कहा।
विशेष रूप से स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों तथा युवाओं की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों के आसपास नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से नशीले कैप्सूल, प्रतिबंधित सीरप/दवाओं तथा नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली सिरिंज एवं सुइयों (नीडल) की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रत्येक जिले में ऐसे संवेदनशील हॉटस्पॉट और स्थानों को चिन्हित किया जाए, जहां नशे के अवैध कारोबार या सेवन की शिकायतें मिलती हैं। इन स्थानों का आकस्मिक एवं नियमित निरीक्षण कर स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया जाए।
नशे की तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को राजसात कर नीलामी की प्रक्रिया तेज करें
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मादक पदार्थों के अवैध परिवहन और तस्करी में पकड़े गए वाहनों के राजसातीकरण (सरकारी नियंत्रण में लेने) की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जब्त वाहनों के मामलों में कानून के अनुसार समयबद्ध ढंग से कार्रवाई करते हुए राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाए।
इसके लिए एक विशेष अभियान चलाकर आगामी तीन महीनों के भीतर अधिक से अधिक पात्र मामलों में वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ऐसे मामलों को संबंधित विशेष न्यायालयों में मजबूती से प्रस्तुत करने और अदालती प्रक्रिया को गति देने के निर्देश भी दिए। साथ ही, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि नशे के अवैध परिवहन या तस्करी की धरपकड़ के दौरान यदि कोई आरोपी पुलिस बल पर हमला करता है, तो उसके विरुद्ध अत्यंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
31 दिसंबर 2026 तक पुराने जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण के लिए विशेष अभियान
विभिन्न जिलों के मालखानों में रखे जब्त मादक पदार्थों के लंबित नष्टीकरण (Disposal) की स्थिति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने के लिए तत्काल प्रभाव से विशेष अभियान चलाया जाए।
सभी जिले यह सुनिश्चित करेंगे कि 31 दिसंबर 2026 तक, छह माह से अधिक पुराने (अर्थात 30 जून 2026 तक जब्त किए गए) ऐसे सभी मादक पदार्थों का विधिसम्मत तरीके से नष्टीकरण कर दिया जाए, जिनकी कानूनी प्रक्रियाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इसके लिए आवश्यक अदालती और प्रशासनिक स्वीकृतियों को तेजी से निपटाने के आदेश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जब्त वाहनों की नीलामी से संबंधित लंबित मामलों का भी शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया है।
NDPS प्रकरणों में प्रभावी अभियोजन और शीघ्र निर्णय पर जोर
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि NDPS एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों की जांच पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। अदालतों में प्रस्तुत की जाने वाली चार्जशीट (आरोप पत्र) में ठोस साक्ष्यों और आवश्यक कानूनी दस्तावेजों की पूर्णता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावी अभियोजन के जरिए दोषियों को अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलवाई जा सके।
उन्होंने NDPS मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों (Special Courts) की स्थापना के संबंध में आवश्यक पहल करने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करें
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नशे के खिलाफ इस जंग में आम नागरिकों की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता बिना किसी भय के मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, बिक्री या तस्करी से संबंधित सूचनाएं सीधे सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचा सके।
उन्होंने सभी जिलों में NDPS एक्ट के तहत की जा रही पुलिस कार्रवाइयों और नशे के सामाजिक व शारीरिक दुष्प्रभावों की जानकारी सोशल मीडिया तथा अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। स्कूलों, कॉलेजों और युवा संगठनों को नशा विरोधी जागरूकता अभियानों से सीधे जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अंत में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई को एक जनआंदोलन का रूप देना समय की मांग है। इसके लिए पुलिस, जिला प्रशासन और नागरिक समाज को एक साथ मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे। उन्होंने सभी जिलों को उपलब्ध कराए गए विशेष दस्तों (Special Squads) का पूर्ण क्षमता के साथ उपयोग करते हुए नशे के सौदागरों के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई करने का स्पष्ट संदेश दिया।
बैठक में उपस्थिति: इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में गृह विभाग की सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित प्रदेश के सभी जिलों के संबंधित वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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