FSSAI नियमों में बड़े सुधार से छोटे खाद्य व्यापारियों को बड़ी राहत – कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
बिलासपुर । राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य व कैट वाईस चेयरमैन अमर पारवानी ,कैट राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी, बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल महामंत्री अनिल राघवानी, परमजीत उबेजा ने बताया कि देशभर के व्यापारियों द्वारा समय-समय पर उठाए गए मुद्दों और उनके समाधान के लिए किए गए सतत प्रयासों का एक महत्वपूर्ण परिणाम हाल ही में खाद्य व्यवसायों से संबंधित नियमों में किए गए व्यापक सुधारों के रूप में सामने आया है। इस संबंध में राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने कहा कि Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) द्वारा जारी हालिया अधिसूचनाओं के माध्यम से खाद्य व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान की गई है।
बिलासपुर कैट अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह कोषाध्यक्ष आशीष ने बताया कि कैट व राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के समक्ष देशभर के व्यापारियों ने समय-समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों एवं बोर्ड मीटिंग्स के माध्यम से FSSAI लाइसेंस से जुड़ी जटिलताओं, अनुपालन प्रक्रियाओं तथा व्यावहारिक समस्याओं को उठाया था। इन सुझावों और मांगों को व्यवस्थित रूप से संबंधित मंत्रालयों तक पहुँचाया गया, जिसके परिणाम स्वरूप भारत सरकार द्वारा नियमों को अधिक सरल एवं व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
हीरानंद जयसिंह ने कहा कि नए प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से मूल पंजीकरण के लिए वार्षिक कारोबार की सीमा ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है। इस निर्णय से देशभर के सूक्ष्म एवं लघु खाद्य व्यवसायों को अनुपालन के बोझ से बड़ी राहत मिलेगी तथा छोटे व्यापारियों के लिए व्यवसाय करना अधिक सरल होगा।
हीरानंद जयसिंह ने आगे बताया कि नगर निकायों में पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स को अब FSSAI के अंतर्गत स्वतः पंजीकृत माना जाएगा, जिससे विभिन्न विभागों में अलग-अलग पंजीकरण कराने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से देश के 10 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि FSSAI लाइसेंस को स्थायी वैधता (Perpetual Validity) प्रदान करने का प्रावधान भी किया गया है, जिससे बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया समाप्त होगी और नियामकीय व्यवस्था का ध्यान खाद्य सुरक्षा निगरानी तथा जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली पर अधिक केंद्रित किया जा सकेगा।
इन महत्वपूर्ण सुधारों के लिए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स बिलासपुर ईकाई के पदाधिकारियों ने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय व्यापारी समुदाय के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ देश के खाद्य व्यापार को अधिक संगठित, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने व्यापारी समुदाय को भी इस सकारात्मक पहल के लिए बधाई दी।

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