अमरकंटक के मां नर्मदा मंदिर में सैकड़ों बालकों का हुआ मुंडन संस्कार ,डेढ़ माह तक नहीं है कोई शुभ मुहूर्त

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संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र तीर्थ नगरी अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर में सोमवार को सैकड़ों बालक-बालिकाओं का पवित्र एवं मंगलमय मुंडन संस्कार श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ । माता-पिता , अभिभावकों एवं परिजनों ने विधि-विधान के साथ अपने बच्चों का संस्कार कराते हुए मां नर्मदा के दरबार में आशीर्वाद प्राप्त किया ।


ज्येष्ठ मास (मई) में मुंडन संस्कार के लिए 4 मई 2026 दिन सोमवार , अनुराधा नक्षत्र एकमात्र शुभ तिथि रही । इससे पूर्व 29 अप्रैल को भी शुभ मुहूर्त था जबकि अब अगली तिथि लगभग डेढ़ माह बाद 17 जून 2026 (ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष तृतीया पुनर्वसु नक्षत्र) को प्राप्त होगी । इसी कारण इस तिथि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे और अपने बच्चों का मुंडन संस्कार करवाये ।
अमरकंटक में सुबह से ही प्रारंभ हुआ मुंडन संस्कार का क्रम देर शाम तक निरंतर चलता रहा । इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं , तीर्थयात्रियों एवं दर्शनार्थियों ने पवित्र कोटि तीर्थ , रामघाट तट पर स्नान कर पूजा-अर्चना की और मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया ।
मां नर्मदा जी के तट पर पधारे माता-पिता ने अपने बच्चों को शुभ मुहूर्त में मुंडन संस्कार कराकर मां नर्मदा के दर्शन कराए तथा उनके उज्ज्वल , सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना की । पूरे परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा । महिलाएं मंगलगीत गाती रहीं वहीं वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया ।


नर्मदा मंदिर के ब्राह्मणों ने बताया कि मुंडन संस्कार का अत्यंत शुभ लग्न मुहूर्त था । अब लगभग डेढ़ माह तक कोई उपयुक्त तिथि नहीं है इसलिए इस दिन कराए गए संस्कार विशेष रूप से फलदायी माने जाएंगे ।
इस अवसर पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखा गया । बिलासपुर से आई भारती दुबे ने अपने पुत्र विनायक का मुंडन संस्कार कराया वहीं हार्दिक कौशिक के भी परिजनों ने विधि-विधान से मुंडन संस्कार कार्य कराया । शहडोल जिले के गोहपारु से आए जायसवाल परिवार ने अपनी पुत्री मन्नत का मुंडन संस्कार हर्षोल्लास के साथ संपन्न कराया । इस शुभ कार्य में सभी परिवारजन पावन अवसर पर अत्यंत प्रसन्न नजर आए और मां का आशीर्वाद प्राप्त कर वापस हुए ।

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