रिलायंस ज्वेलर्स में 17.50 लाख की सोने की हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार
नकली कंगन रखकर असली सोना करता था गायब, 80 ग्राम सोने के आभूषण और मोबाइल जब्त; फर्जी बिल बनाकर ग्राहकों से भी की ठगी
रायपुर। राजधानी रायपुर के गोलबाजार स्थित रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की सुनियोजित हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में कंपनी के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने स्टोर में रखे असली सोने के कंगनों की जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रखकर करीब 17.50 लाख रुपये के आभूषणों की हेराफेरी की थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लगभग 80 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 14.50 लाख रुपये आंकी गई है, बरामद कर लिए हैं।
गोलबाजार थाना पुलिस के अनुसार रिलायंस ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर की शिकायत पर अपराध क्रमांक 116/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि स्टोर में रखे करीब 103.832 ग्राम वजन के तीन सेट (पांच नग) 22 कैरेट सोने के कंगनों की जगह नकली कंगन रख दिए गए थे, जिससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

मामले की जांच डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक अमित कोसमा तथा निरीक्षक स्वराज त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान संदेह स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी लगातार स्वयं को निर्दोष बताकर पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन स्टॉक ऑडिट, दस्तावेजी साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और गहन पूछताछ के बाद उसने हेराफेरी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य स्वीकार कर लिए।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में कार्यरत था और स्टोर की पूरी कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित था। आर्थिक तंगी और विभिन्न ऋणों के दबाव में उसने पहले ग्राहकों द्वारा जमा कराई गई मासिक जमा योजना की राशि का निजी उपयोग करना शुरू किया। बाद में ग्राहकों को आभूषण देने की स्थिति आने पर उसने स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रखना शुरू कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रिलायंस ज्वेलर्स की आधिकारिक यूनिफॉर्म पहनकर कंपनी के अधिकृत मेल्टिंग सेंटर पहुंचता था। वहां वह असली सोना गलवाकर उसका उपयोग अन्य लेन-देन में करता रहा। कुछ ग्राहकों को उसने यह कहकर आभूषण दिए कि वे उन्हें स्टोर में एक्सचेंज करा सकते हैं, जिससे किसी को संदेह नहीं हुआ।
पुलिस ने खुलासा किया कि आरोपी ने मासिक किश्त योजना से जुड़े दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की। उनके पैसों और आभूषणों में हेराफेरी कर बाद में फर्जी बिलों के आधार पर आभूषण उपलब्ध कराए गए। रिलायंस ज्वेलर्स से सत्यापन कराने पर ये बिल फर्जी पाए गए। इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3), 318(4), 338 और 340(2) भी जोड़ दी गईं।
विवेचना के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच भी की गई। जांच में पता चला कि वह पुलिस जांच, गिरफ्तारी, जमानत और पूछताछ से संबंधित जानकारियां ऑनलाइन तथा एआई आधारित प्लेटफॉर्म से जुटा रहा था। पुलिस आरोपी के आर्थिक लेन-देन, उस पर मौजूद ऋण और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जांच कर रही है।
आरोपी की निशानदेही पर एक रेडमी मोबाइल फोन तथा फर्जी बिलों के माध्यम से बेचे गए करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी मनोज यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क, अन्य संभावित आरोपियों और आर्थिक लेन-देन की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

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