केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
वीबी जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान ने मनरेगा में क्यूआर कोड नवाचार की सराहना की
रायपुर । भारत सरकार के केंद्रीय राज्य ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश पासवान आज अपने दो दिवसीय प्रवास पर राजधानी रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नया रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली तथा केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत आरसेटी द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी एवं बेहतर क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों की प्रशंसा भी की।
समीक्षा बैठक के दौरान श्री पासवान ने राज्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए वीबी जी राम जी के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान ने मनरेगा अंतर्गत छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने ग्रामीण रोजगार सृजन, जल संरक्षण, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण तथा हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ पहुंचाने में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने मनरेगा में क्यूआर कोड नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि मनरेगा क्रियान्वयन में राज्य देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यो की प्रगति की भी प्रशंसा की और कहा कि राज्य द्वारा किए जा रहे नवाचार एवं जनहितकारी प्रयास अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री ने राज्य शासन द्वारा संचालित “मोर गांव मोर पानी” महाभियान के अंतर्गत किए जा रहे जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं जनभागीदारी आधारित पहल बताया। श्री पासवान ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष बल देते हुए कहा कि “छत्तीसकला” ब्रांड अंतर्गत निर्मित उत्पादों को मॉल, रेलवे स्टेशन एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर स्टॉल लगाकर जन-जन तक पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो तथा उनके उत्पादों को बेहतर पहचान मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई) तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) सहित ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की। इस बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक एनआरएलएम अश्विनी देवांगन सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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