एथेनॉल प्लांट की सहमति निरस्त करने की मांग, ग्रामीणों ने जताई प्रदूषण और स्वास्थ्य को लेकर चिंता

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मुंगेली । ग्राम पंचायत सिल्ली के आश्रित ग्राम कैथनवागांव में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्लांट स्थापना के लिए पूर्व में दी गई सहमति को निरस्त करने की मांग करते हुए प्रशासन को आवेदन सौंपा है।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत सिल्ली के सरपंच द्वारा 2 फरवरी 2026 को एथेनॉल प्लांट स्थापना के लिए सहमति प्रदान की गई थी। हालांकि बाद में ग्रामीणों ने प्लांट से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई और इसका विरोध शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि एथेनॉल प्लांट से निकलने वाले अवशिष्ट पदार्थ एवं प्रदूषण के कारण भू-जल दूषित होने की आशंका है, जिससे क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है। इसके साथ ही वायु प्रदूषण और दुर्गंध से आसपास निवास करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।

आवेदन में बताया गया है कि क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा कृषि आधारित है और ग्रामीण खेती-किसानी पर निर्भर हैं। प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण का असर किसानों की फसलों एवं पशुधन पर भी पड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया है कि प्रस्तावित प्लांट स्थल से लगभग 400 मीटर की दूरी पर महाविद्यालय फास्टरपुर, हाई स्कूल, मिडिल स्कूल, सतनामी समाज का मंदिर, जय स्तंभ तथा ईसाई समाज का चर्च स्थित है। वहीं आसपास 400 से 500 मीटर की दूरी पर बड़ी आबादी निवास करती है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट के संभावित दुष्प्रभावों को देखते हुए क्षेत्र में असंतोष का माहौल है। इसी कारण ग्राम सभा की बैठक में 17 अप्रैल 2026 को एथेनॉल प्लांट के लिए पूर्व में दी गई सहमति को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं एवं पर्यावरणीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए एथेनॉल प्लांट स्थापना की सहमति निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।

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