रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। रेंज साइबर थाना पुलिस ने दिल्ली और कर्नाटक से दो अंतरराज्यीय ठगों सहित म्यूल बैंक खाता संचालित करने वाले एक मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से 18 म्यूल बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें 10.76 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाया गया है। इन खातों का इस्तेमाल देश के 17 अलग-अलग राज्यों में 88 साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
प्रमुख मामले और गिरफ्तारी
1. मुंबई क्राइम ब्रांच का डर दिखाकर 1.25 करोड़ की ठगी
प्रार्थी सपन कुमार को अज्ञात नंबरों से फोन आया, जिसमें ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। आरोपियों ने प्रार्थी पर मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा आरोप लगाकर उसे 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और ₹1.25 करोड़ ठग लिए।
- कार्रवाई: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि को विभिन्न खातों में होल्ड कराया, जिसमें से ₹60 लाख पीड़ित को वापस दिला दिए गए हैं। मुख्य आरोपी आर्यन सिंह (दिल्ली) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
2. सीबीआई का फर्जी अधिकारी बन महिला से लूटे 42 लाख
कोतवाली थाना क्षेत्र की पुष्पा अग्रवाल को दिल्ली क्राइम ब्रांच और सीबीआई के नाम पर डराया गया। उन्हें भी ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ₹42 लाख की धोखाधड़ी की गई।
- कार्रवाई: रायपुर पुलिस की टीम ने कर्नाटक के हुबली से आरोपी जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करता है।
3. 104 म्यूल खातों का जाल, 92 आरोपी पहले ही गिरफ्तार
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के 104 ‘म्यूल अकाउंट’ (किराए के खाते) का पता चला था। इस मामले में पुलिस अब तक 92 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। ताजा कार्रवाई में मुख्य आरोपी राजदीप सिंह भाटिया को डोंगरगढ़ (राजनांदगांव) से गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- आर्यन सिंह (22 वर्ष): निवासी इलाहाबाद, वर्तमान पता गुड़गांव (दिल्ली)।
- जितेंद्र कुमार (33 वर्ष): निवासी हुबली, धारवाड़ (कर्नाटक)।
- राजदीप सिंह भाटिया उर्फ यश (29 वर्ष): निवासी डोंगरगढ़, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)।
इन राज्यों में फैला था जाल
पुलिस की जांच में सामने आया कि ये आरोपी लिंक फ्रॉड, शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो ट्रेडिंग, योनो (yono) APK फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग और सिम स्वैपिंग जैसे तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाते थे। आईजी रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में पुलिस अब इन खातों से जुड़े अन्य नेटवर्क और रकम की बरामदगी में जुटी है।
सावधानी की अपील: पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती। ऐसे कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को सूचित करें।

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