Korba crime: वरिष्ठ पत्रकार उदय चौधरी के परिवार पर जानलेवा हमला, आरोपियों को गिरफ्तार कर FIR करने के बजाय खुली छूट, MLC भी नहीं हुई, कोरबा SP से की शिकायत।
खबर प्रकाशित करने पर आरोपियों ने पत्रकार के घर में घुसकर किया जानलेवा हमला, दीपका पुलिस प्रशासन बनी मुकदर्शक.
रिपोर्ट/ जावेद अली आज़ाद
क्राईम रिपोर्ट कोरबा। 13 मई 2026 नगर पालिका की कथित अनियमितताएं उजागर करना एक पत्रकार को महंगा पड़ गया। कोरबा जिले के दीपका में सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के जिलाध्यक्ष एवं स्वतंत्र पत्रकार उदय चौधरी ने आरोप लगाया है कि खबर प्रकाशित करने के बाद उनकी गैरमौजूदगी में परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। चौधरी ने पुलिस अधीक्षक कोरबा को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच, MLC और सुरक्षा की मांग की है। उदय चौधरी ने SP को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने दीपका नगर पालिका में कथित अवैध वसूली, भवन तोड़ने के नोटिस और जमीन की वैधानिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए खबर प्रकाशित की थी। खबर में नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, पार्षद अविनाश सिंह राजपूत, अभिषेक सिंह राजपूत, दीपका थाना ASI जितेश सिंह राजपूत और सुशील तिवारी के नाम का उल्लेख था। आरोप है कि खबर के बाद उनकी अनुपस्थिति में घर पर पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट की गई। ईंट-पत्थर से हमला किया गया और सार्वजनिक रूप से “टोनही” कहकर अपमानित किया गया। हमले का वीडियो भी मौजूद है।
थाने पर पक्षपात का आरोप, MLC तक नहीं हुई–
पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि दीपका थाना पहुंचने पर पुलिस ने मामले को आपराधिक घटना के बजाय “आपसी विवाद” बताने की कोशिश की। चौधरी के अनुसार पत्नी के बयान को बदलकर लिखने का प्रयास हुआ। सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना के 24 घंटे बाद भी पीड़ित पत्नी और बच्चों का MLC नहीं कराया गया। दीपका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने का हवाला दिया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर आरोपी पक्ष का मेडिकल कराकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पहले भी हो चुके हैं हमले, कोर्ट में चल रहा केस–
उदय चौधरी ने बताया कि जनहित के मुद्दे उठाने पर उन पर पहले भी हमले हो चुके हैं। इसकी शिकायत IG और SP कार्यालय में पहले दी जा चुकी है। अभिषेक सिंह राजपूत और सुधीर चौधरी द्वारा किए गए एक पुराने हमले का केस कटघोरा न्यायालय में विचाराधीन है।
उदय चौधरी ने SP कोरबा से 5 मांगें की हैं–
- पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो।
- परिवार का तत्काल MLC कराया जाए।
- वीडियो साक्ष्य के आधार पर आरोपियों पर FIR हो।
- परिवार को सुरक्षा दी जाए।
- जांच दीपका थाना से हटाकर स्वतंत्र अधिकारी को सौंपी जाए।
इस आवेदन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, राज्यपाल, IG बिलासपुर को भी भेजी गई है।
पत्रकार उदय चौधरी ने कहा–
“मैं AC मैकेनिक का काम कर परिवार पालता हूं और सामाजिक दायित्व के तहत पत्रकारिता करता हूं। सच्चाई लिखने पर अगर परिवार सुरक्षित नहीं है तो लोकतंत्र कैसे बचेगा? पुलिस अगर पीड़ित का MLC ही नहीं कराएगी तो न्याय की उम्मीद कहां से करें?” सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे ने कहा कि जिलाध्यक्ष पर हमला प्रेस की आजादी पर हमला है। संगठन इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा। अगर 48 घंटे में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने आवेदन मिलने की पुष्टि की है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।



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