अवैध निर्माण हटेंगे तो बनेगा ‘स्मार्ट मुंगेली’, रिवर व्यू परियोजना से बदल सकती है शहर की पहचान
जनदर्शन में जांच की मांग के साथ अगर नदी किनारे आधुनिक सड़क, पर्यटन और सौंदर्यीकरण योजना को लेकर शहरवासियों में बढ़ी उम्मीद
मुंगेली। नगर पालिका क्षेत्र में कथित अवैध निर्माणों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब शहर के भविष्य से जुड़े एक महत्वाकांक्षी विकास मॉडल की चर्चा के साथ नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर जनदर्शन में नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बिना अनुमति संचालित निर्माण कार्यों की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंची है, वहीं मिली जानकारी के अनुसार दूसरी ओर अगर नदी के दोनों किनारों पर प्रस्तावित फोरलेन रिवर व्यू सड़क, चौपाटी, पार्किंग, एनीकेट, बोटिंग और व्यापक सौंदर्यीकरण योजना को लेकर शहरवासियों में नई उम्मीद जगी है।
पार्षद ने जनदर्शन में उठाया अवैध निर्माण का मुद्दा
मिली जानकारी के अनुसार कबीर वार्ड क्रमांक-16 के पार्षद अजय साहू ने जनदर्शन में टोकन क्रमांक 16355 के तहत कलेक्टर मुंगेली को लिखित आवेदन सौंपकर नगर पालिका क्षेत्र में संचालित अवैध निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका परिषद के विभिन्न वार्डों में बिना भवन अनुमति, बिना नक्शा स्वीकृति तथा बिना आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ नगर नियोजन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
शासकीय भूमि पर निर्माण को लेकर भी सवाल
शिकायत पत्र में लोरमी चौक के समीप क्रिश्चियन कब्रिस्तान के सामने शासकीय आबादी भूमि पर किए जा रहे निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक-18 सहित अन्य क्षेत्रों में चल रहे कुछ निजी निर्माण कार्यों की वैधता पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। आवेदन में दावा किया गया है कि नगर पालिका क्षेत्र में ऐसे अनेक निर्माण कार्य संचालित हैं, जिनकी विधिवत जांच आवश्यक है।
छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई, बड़े निर्माणों पर नरमी के आरोप
शहर में वर्तमान में सड़क चौड़ीकरण एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। इस दौरान कई छोटे दुकानदारों और नागरिकों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाए गए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि यदि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो बिना अनुमति किए गए बड़े निर्माणों की भी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। नागरिकों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और प्रभावशाली लोगों को भी नियमों के दायरे में लाया जाना चाहिए।
विकास की नई परिकल्पना : ‘रिवर व्यू मुंगेली’
अवैध निर्माणों को लेकर चल रही बहस के बीच शहर के दीर्घकालिक विकास को लेकर एक महत्वाकांक्षी योजना भी चर्चा में है। जानकारी के अनुसार जिला पंचायत द्वारा जीआरएमजी योजना के तहत अगर नदी की सफाई, गहरीकरण, समतलीकरण, रिटर्निंग वॉल निर्माण, पिचिंग कार्य तथा नए एनीकेट निर्माण की दिशा में प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा बिलासपुर के रिवर व्यू मॉडल की तर्ज पर मुंगेली में भी अगर नदी के दोनों किनारों पर फोरलेन रिवर व्यू सड़क विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है तो मुंगेली के शहरी विकास का नया अध्याय शुरू हो सकता है।
लोरमी बायपास से जिला अस्पताल तक बन सकता है नया कॉरिडोर
प्रस्तावित योजना के अनुसार रिवर व्यू सड़क का प्रारंभ लोरमी बायपास पुल से होकर पड़ाव चौक, बालानी चौक और चौपाटी क्षेत्र तक किया जा सकता है। इसके बाद नए प्रस्तावित पुल के माध्यम से सड़क को नदी के दूसरे किनारे से जोड़ते हुए पुराना बस स्टैंड, दौऊपारा बड़ा पुल और रामगढ़ स्थित जिला अस्पताल तक विस्तारित करने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
यदि यह परियोजना पूर्ण होती है तो शहर को एक वैकल्पिक और आधुनिक यातायात मार्ग प्राप्त होगा, जिससे मुख्य बाजार क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम हो सकेगा।
50 वर्षों की ट्रैफिक समस्या का समाधान बनने की उम्मीद
शहर के जानकारों और प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि प्रस्तावित रिवर व्यू सड़क परियोजना आने वाले 40 से 50 वर्षों की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। वर्तमान में शहर की आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में वैकल्पिक फोरलेन मार्ग भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
चौपाटी, पार्किंग और बोटिंग से बढ़ेगा पर्यटन
योजना के अंतर्गत सड़क के दोनों ओर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, स्ट्रीट वेंडर जोन, चौपाटी, ओपन स्पेस, मनोरंजन क्षेत्र और हरित पट्टी विकसित किए जाने की संभावना है। इसके अलावा नदी में बोटिंग, आकर्षक लाइटिंग, उद्यान निर्माण तथा सौंदर्यीकरण कार्यों से मुंगेली को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा सकते हैं।
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इससे रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
नदी संरक्षण को मिलेगी प्राथमिकता
प्रस्तावित विकास योजना में पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष महत्व दिए जाने की बात सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका एवं नगरीय प्रशासन द्वारा रिवर व्यू मार्गों के ऊपरी हिस्से में मुख्य सीवरेज लाइन तथा फिल्टर युक्त नालियों के निर्माण का सुझाव दिया गया है, जिससे शहर का गंदा पानी सीधे नदी में न पहुंचे।
यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो नदी प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं।
प्रथम चरण के लिए डीपीआर तैयार होने की चर्चा
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में प्रथम चरण के तहत लोरमी बायपास पुल से पड़ाव चौक तक फोरलेन रिवर व्यू सड़क, रिटर्निंग वॉल और पिचिंग निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराए जाने की चर्चा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन शहर में इस योजना को लेकर उत्सुकता और चर्चाएं लगातार बढ़ रही हैं।
निष्पक्ष कार्रवाई और नियोजित विकास की अपेक्षा
शहर के नागरिकों का मानना है कि मुंगेली के संतुलित विकास के लिए दो समानांतर कदम आवश्यक हैं। पहला, अवैध निर्माणों की निष्पक्ष जांच कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और दूसरा, दीर्घकालिक विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए।
लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन अवैध निर्माणों पर समान रूप से कार्रवाई करते हुए रिवर व्यू मुंगेली जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाता है, तो आने वाले वर्षों में मुंगेली प्रदेश के सबसे सुंदर, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहरों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
फिलहाल शहरवासियों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। एक तरफ अवैध निर्माणों की जांच और जवाबदेही की मांग है, तो दूसरी ओर अगर नदी किनारे प्रस्तावित ‘रिवर व्यू मुंगेली’ परियोजना को साकार होते देखने की उम्मीद भी लोगों के मन में आकार ले रही है। यदि यह सपना धरातल पर उतरता है तो मुंगेली केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी विकास के एक आदर्श मॉडल के रूप में भी उभर सकता है।

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