बड़ी खबर : राशन दुकान विवाद ने पकड़ा तूल: खाद्य विभाग के खंडन के बाद खाद्य निरीक्षक ने भेजा मानहानि नोटिस

0
Screenshot_20260531_143454
  • राशन दुकान विवाद में नया मोड़: हाईकोर्ट अधिवक्ता अंकित श्रीवास के माध्यम से भेजा गया विधिक नोटिस
  • खाद्य विभाग के खंडन के बाद खाद्य निरीक्षक राहुल श्रीवास की ओर से कार्रवाई, झूठे आरोपों से प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप

मुंगेली@अपना छत्तीसगढ़ । लोरमी विकासखंड के ग्राम साल्हेघोरी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। खाद्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक खंडन के बाद खाद्य निरीक्षक राहुल श्रीवास की ओर से हाईकोर्ट अधिवक्ता अंकित श्रीवास के माध्यम से जय माँ सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की सचिव पार्वती डाहिरे को विधिक नोटिस भेजा गया है।

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि समूह की ओर से कलेक्टर जनदर्शन में प्रस्तुत शिकायत, समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के माध्यम से खाद्य निरीक्षक राहुल श्रीवास की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। नोटिस के अनुसार लगाए गए आरोप तथ्यहीन, निराधार एवं दुर्भावनापूर्ण हैं, जिनसे एक शासकीय अधिकारी की प्रशासनिक प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान को ठेस पहुंची है।

जनदर्शन की शिकायत बनी विवाद की वजह

ज्ञात हो कि जय माँ सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की सचिव पार्वती डाहिरे ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि समूह को मिलने वाली पीडीएस कमीशन एवं बारदाना राशि का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया था कि दूसरे समूह के खाते में राशि डालकर गबन किया गया तथा बिना जांच के समूह का संचालन निलंबित कर दिया गया।

यह शिकायत बाद में विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया मंचों पर भी प्रसारित हुई, जिससे मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।

खाद्य विभाग ने आरोपों को बताया भ्रामक

विवाद बढ़ने के बाद खाद्य विभाग, मुंगेली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि साल्हेघोरी उचित मूल्य दुकान के संचालन के दौरान विभिन्न वर्षों में खाद्यान्न की भारी कमी पाई गई थी। विभाग के अनुसार वर्ष 2022, 2024 और 2025 में किए गए भौतिक सत्यापन में कुल 403.28 क्विंटल चावल, 10.38 क्विंटल शक्कर और 9.51 क्विंटल नमक की कमी दर्ज की गई।

विभाग का दावा है कि इन अनियमितताओं के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे तथा नियमानुसार कार्रवाई की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि समूह द्वारा निलंबन आदेश के विरुद्ध दायर अपील को कलेक्टर न्यायालय ने 23 फरवरी 2026 को खारिज कर दिया था।

हाईकोर्ट अधिवक्ता के माध्यम से भेजा गया नोटिस

खाद्य निरीक्षक राहुल श्रीवास की ओर से हाईकोर्ट अधिवक्ता अंकित श्रीवास द्वारा भेजे गए विधिक नोटिस में कहा गया है कि शिकायत एवं उसके प्रचार-प्रसार के दौरान यह आरोप लगाया गया कि कमीशन राशि का गबन किया गया, बिना जांच निलंबन किया गया तथा जानबूझकर वर्षों तक भुगतान रोका गया।

नोटिस में इन आरोपों को पूरी तरह असत्य बताते हुए कहा गया है कि इनके समर्थन में कोई वैध दस्तावेज, शपथपत्र, कॉल रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बावजूद आरोपों को सार्वजनिक रूप से प्रचारित कर एक शासकीय अधिकारी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया गया।

50 लाख रुपये हर्जाने की मांग या सार्वजनिक माफी

विधिक नोटिस में खाद्य निरीक्षक की प्रशासनिक प्रतिष्ठा, सामाजिक सम्मान और मानसिक पीड़ा को आधार बनाते हुए कुल 50 लाख रुपये के हर्जाने की मांग की गई है। नोटिस के अनुसार प्रशासनिक प्रतिष्ठा की क्षति के लिए 25 लाख रुपये, मानसिक पीड़ा के लिए 10 लाख रुपये, पारिवारिक सम्मान को हुई क्षति के लिए 10 लाख रुपये, सामाजिक एवं भविष्यगत दुष्प्रभाव के लिए 4.75 लाख रुपये तथा विधिक व्यय के लिए 25 हजार रुपये की मांग की गई है।

15 दिन में मांगा जवाब, नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई

नोटिस में कहा गया है कि प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर या तो सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी प्रकाशित की जाए अथवा मांगी गई क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाए। अन्यथा मानहानि एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत न्यायालय में दांडिक एवं दीवानी कार्रवाई की जाएगी।

अब सभी की निगाहें अगले कदम पर

साल्हेघोरी राशन दुकान से जुड़ा यह मामला अब प्रशासनिक जांच, विभागीय कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के बीच पहुंच चुका है। एक ओर महिला स्व सहायता समूह अपने आरोपों पर कायम है, वहीं खाद्य विभाग और संबंधित अधिकारी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए न्यायालयीन आदेशों और विभागीय अभिलेखों का हवाला दे रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नोटिस के जवाब में समूह की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और यह विवाद आगे किस दिशा में बढ़ता है।

खाद्य निरीक्षक राहुल श्रीवास द्वारा बताया गया कि वे जून 2023 से दिसंबर 2025 तक  खाद्य निरीक्षक लोरमी के पद पर पदस्थ रहे है, उक्त क्षेत्र में अपने कार्यकाल के दौरान अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया है एवं किसी भी प्रकार के राशि गबन के आरोप को निराधार, मिथ्यापूर्ण, छवि धूमिल करने वाला एवं दुर्भावनापूर्ण बताया है।

देखिए आदेश 👇

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!