रामबोड़ कुसुम प्लांट में फिर हादसा: पुराने हादसों से सबक नहीं, प्रशासनिक निगरानी पर उठे गंभीर सवाल
मुंगेली । सरगांव स्थित रामबोड़ कुसुम स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड में एक बार फिर औद्योगिक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी की पोल खोल दी है। गुरुवार सुबह नियमित मेंटेनेंस कार्य के दौरान कीलन डिस्चार्ज गेट अचानक खुलने से गर्म स्पंज आयरन की तेज गर्मी बाहर निकली, जिसकी चपेट में आकर तीन कर्मचारी आंशिक रूप से झुलस गए। राहत की बात यह रही कि सभी घायलों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीरता क्यों नहीं दिखाई जा रही।
जानकारी के अनुसार, 18 जून 2026 को सुबह करीब 7 बजे प्लांट में नियमित मेंटेनेंस का कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि कीलन डिस्चार्ज गेट जाम हो गया था, जिसे ठीक करने के लिए कर्मचारी मौके पर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गेट खुल गया और भीतर जमा गर्म स्पंज आयरन की तीव्र गर्मी बाहर निकलने लगी। मौके पर मौजूद कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों की पहचान अमित कुमार (औरंगाबाद, बिहार), योगेश मीणा (होशंगाबाद, मध्य प्रदेश) और अमरेश दत्ता (बालेश्वर, ओडिशा) के रूप में हुई है।
घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने एम्बुलेंस की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद अमित कुमार को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। जिला प्रशासन और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी सूचना मिलते ही घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार और सहायता का भरोसा दिलाया गया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन की सक्रियता हर बार हादसे के बाद ही क्यों नजर आती है।

स्थानीय सूत्रों और श्रमिकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी रामबोड़ कुसुम प्लांट में कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। कभी मशीनों में तकनीकी खराबी, कभी सुरक्षा उपकरणों की कमी, तो कभी कार्यस्थल पर लापरवाही—इन सब कारणों से कर्मचारियों की सुरक्षा बार-बार खतरे में पड़ती रही है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई स्थायी और ठोस सुधार नहीं दिखा।
श्रमिकों का आरोप है कि प्लांट में कई बार सुरक्षा मानकों का पालन केवल कागजों तक सीमित रह जाता है। नियमित सुरक्षा ऑडिट, मशीनों की समय पर जांच और कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा प्रशिक्षण जैसी प्रक्रियाएं या तो औपचारिकता बनकर रह गई हैं या उनमें गंभीरता की कमी है। कर्मचारियों का कहना है कि जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।
इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। औद्योगिक इकाइयों की निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। यदि पहले हुए हादसों के बाद सख्त निरीक्षण, जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक कार्रवाई की जाती, तो संभव है कि इस बार की दुर्घटना टाली जा सकती थी। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी हादसे के बाद जांच के आदेश और कार्रवाई के आश्वासन तक ही मामला सीमित होता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन अक्सर केवल घटना होने के बाद हरकत में आता है। हादसे से पहले निरीक्षण, जोखिम आकलन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जैसे कदम नियमित रूप से नहीं उठाए जाते। यही कारण है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा को लेकर लापरवाही बढ़ती जा रही है। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकना मुश्किल रहेगा।
रामबोड़ कुसुम प्लांट में हुई यह ताजा दुर्घटना केवल एक औद्योगिक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की कमजोर निगरानी का संकेत भी है। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि हादसा कैसे हुआ, बल्कि यह भी है कि पहले की घटनाओं से क्या सबक लिया गया। यदि हर हादसे के बाद सिर्फ जांच और बयानबाजी तक सीमित रहा जाएगा, तो मजदूरों की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहेगी।
अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों पर हैं। जरूरत इस बात की है कि केवल औपचारिक जांच न हो, बल्कि प्लांट की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए, पुराने हादसों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। क्योंकि औद्योगिक विकास तभी सार्थक है, जब उसमें काम करने वाले श्रमिकों का जीवन सुरक्षित हो। लगातार हो रहे हादसे यही संदेश दे रहे हैं कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि कठोर और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
