धरातल से पूरी तरह कट चुकी कांग्रेस अब ‘रिसॉर्ट्स’ में खोज रही है जमीन : भाजपा
प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को ‘मिशन 2028’ के नाम पर कांग्रेस का ‘प्रशिक्षण-पाखण्ड’ बताया
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने कांग्रेस के ‘प्रशिक्षण शिविर’ पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि जो पार्टी अपने संगठन को वेंटिलेटर से बाहर निकालने के लिए तरस रही है, वह अब अभनपुर के आलीशान ‘अग्रवाल रिसोर्ट’ में बंद कमरों के भीतर जिला अध्यक्षों को “सक्षम” बनाने का ढोंग रच रही है। श्री पाण्डेय ने कहा कि जनता के बीच से पूरी तरह साफ हो चुकी कांग्रेस का यह आलीशान शिविर उसकी दयनीय और विवश संगठनात्मक दशा का जीता-जागता प्रमाण है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि जो पार्टी खुद को ‘जमीनी राजनीति’ सिखाने का दावा कर रही है, उसके नेता और कार्यकर्ता धूप और धूल से डरकर वातानुकूलित रिसोर्ट के भीतर ‘आवासीय’ कड़ाके की धूप में सियासत के गुर सीख रहे हैं। जनता के सुख-दु:ख से दूर, आलीशान सुख-सुविधाओं के बीच बैठकर संगठन को मजबूत करने का यह फॉर्मूला केवल कांग्रेस के ही दिमाग की उपज हो सकता है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे पर कटाक्ष करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि गांधी केवल एक दिन के लिए, वह भी मात्र कुछ घण्टों के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। जिस पार्टी का शीर्ष नेता संगठन को मजबूत करने के लिए पूरे 4 घंटे का समय भी बमुश्किल दे पा रहा हो उस पार्टी के कार्यकर्ताओं का भगवान ही मालिक है। 2023 के विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद, ढाई साल पहले ही ‘मिशन 2028’ का राग अलापना यह दर्शाता है कि कांग्रेस के भीतर भारी हताशा और नेतृत्व का संकट है। जब खुद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच की खींचतान जगजाहिर है, तो सचिन पायलट और अलका लाम्बा मंच पर ‘एकजुटता’ का चाहे जितना भी मुखौटा लगा लें, अंदर की फूट छिपने वाली नहीं है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि इस शिविर में सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपक बैज और डॉ. चरणदास महंत जैसे नेता क्लास लेंगे। जिन नेताओं के खुद के नेतृत्व में पार्टी लगातार गर्त में जा रही है, वे अब जिला अध्यक्षों को जीत का कौन-सा मंत्र देंगे? यह ‘हारे हुए नायकों’ की एक ऐसी मंडली है जो एक-दूसरे को सांत्वना देने के लिए इकट्ठा हो रही है। श्री पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समझदार जनता कांग्रेस के इस ’10 दिवसीय ‘प्रशिक्षण-पाखण्ड’ को भली-भाँति समझ रही है। बूथ स्तर पर पूरी तरह खोखली हो चुकी कांग्रेस को अब न तो दिल्ली के नेताओं के ‘टिप्स’ बचा सकते हैं और न ही रिसोर्ट की बंद दीवारों के भीतर होने वाले संवाद। कांग्रेस छत्तीसगढ़ में अपनी प्रासंगिकता पूरी तरह खो चुकी है।


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