सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित

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2 से 4 जुलाई की प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल टली, 15 दिन में मांगों पर कार्रवाई का भरोसा

रायपुर। छत्तीसगढ़ मनरेगा/वीबी-ग्राम जी कर्मचारी महासंघ ने शासन से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद 2 से 4 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित प्रदेशव्यापी सांकेतिक हड़ताल को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की घोषणा की है। इस निर्णय से प्रदेशभर के मनरेगा कर्मचारियों में राहत और उम्मीद का माहौल है।

महासंघ के प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल ने 1 जुलाई को उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा तथा मनरेगा आयुक्त से सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में महत्वपूर्ण चर्चा की। बैठक में लंबे समय से लंबित कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में विशेष रूप से मानव संसाधन (HR) पॉलिसी लागू करने, ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) की संविदा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा वेतन एवं मानदेय वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। महासंघ ने बताया कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं और कर्मचारियों के भविष्य तथा कार्यस्थल की स्थिरता से सीधे जुड़ी हुई हैं।

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बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने महासंघ की मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि आगामी 15 दिनों के भीतर HR Policy, ग्राम रोजगार सहायक संविदा, वेतन वृद्धि तथा अन्य प्रमुख बिंदुओं पर निर्णायक कार्यवाही की जाएगी। इस आश्वासन को महासंघ ने कर्मचारियों के संघर्ष की बड़ी उपलब्धि बताया है।

वहीं मनरेगा आयुक्त ने भी इन विषयों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय होने का भरोसा दिलाया। उन्होंने VB-GRAM-G योजना के सफल शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निकट भविष्य में विभागीय स्तर पर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ पुनः विस्तृत चर्चा करने की सहमति दी।

महासंघ ने शासन की इस सकारात्मक पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रदेश के सभी जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों, कार्यकारी अध्यक्षों, ग्राम रोजगार सहायकों तथा कार्यालयीन कर्मचारियों की एकजुटता, अनुशासन और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों ने संयम और संगठनात्मक मजबूती का परिचय देकर अपनी आवाज शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई।

महासंघ ने स्पष्ट किया कि हड़ताल स्थगित की गई है, समाप्त नहीं। संगठन के अनुसार यह कर्मचारियों की मांगों की पूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पड़ाव है। यदि निर्धारित समयसीमा में आश्वासनों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो महासंघ भविष्य की रणनीति तय कर आगे आंदोलन की घोषणा कर सकता है।

महासंघ ने सभी कर्मचारियों से संगठन की एकता, अनुशासन और विश्वास बनाए रखने की अपील की। साथ ही आंदोलन के दौरान सहयोग, धैर्य और समर्पण दिखाने वाले सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस घटनाक्रम के बाद अब प्रदेशभर के मनरेगा कर्मचारियों की नजर आगामी 15 दिनों पर टिकी है, जब शासन की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय सामने आने की उम्मीद है।

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