कांगो में इबोला वायरस के नए प्रकार के उपचार का परीक्षण शुरू

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जिनेवा । अफ्रीकी देश कांगो और युगांडा में फैले इबोला वायरस को लेकर एक राहत भरी खबर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया कि बीमारी फैलाने के नए प्रकार के वायरस के संभावित उपचारों का परीक्षण शुरू हो गया है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बताया कि कांगो में पहले मरीज को भर्ती किया गया है, जिस पर परीक्षण चल रहा है। अभी इबोला के बंडीबुग्यो वायरस के रोग के लिए कोई स्वीकृत टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है।


वर्तमान परीक्षण डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रायोजित है, जिसका समन्वय कांगो में इंस्टीट्यूट नेशनल डी रिसर्च बायोमेडिकल, बेल्जियम में इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक कर रहे हैं। डब्ल्यूएचओ मुख्यालय में टेड्रोस ने कहा कि 2 दवाओं का नैदानिक परीक्षण शुरू हो गया है, जिसमें पहले मरीज का नामांकन किया गया है। उन्होंने कहा कि अनुमोदित उपचारों के बिना भी लोग ठीक हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षित और प्रभावी उपचार होने से कई जान बच सकती है।


कांगो और युगांडा में इबोला का मौजूदा प्रकोप मई में शुरू हुआ था, जिसके बाद डब्ल्यूएचओ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है। कांगो में 30 जून तक 1,406 पुष्ट मामले और 301 संदिग्ध मामले सामने आए थे। अभी तक 438 मौतें दर्ज की गई हैं। युगांड में एक जुलाई तक 20 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें से 2 की मौत हो गई है, और फ्रांस में भी एक पुष्ट मामला सामने आया है।

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