स्वस्थ छत्तीसगढ़ से विकसित प्रदेश का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत आधारशिला है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी दिशा में सोमवार को रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को नई गति मिलेगी। मरीजों, मेडिकल विद्यार्थियों और चिकित्सकों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछली बार मेडिकल कॉलेज के दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया और आज उसके निर्माण की शुरुआत कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए स्वस्थ समाज आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ को हर स्तर पर सहयोग मिल रहा है। डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति सहित अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं में केंद्र से लगातार सकारात्मक सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राज्य को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) की भी सौगात मिलेगी, जिससे प्रदेश की औषधीय वनस्पतियों और आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया है। उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के सभी क्षेत्रों में सेवाएं देने का संकल्प लें और केवल शहरों तक सीमित रहने की सोच से बाहर निकलें।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास, कैंसर संस्थान विस्तार और अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहा है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, नर्सिंग कॉलेजों का विस्तार, फिजियोथेरेपी कॉलेजों की स्थापना तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि कोरबा, कांकेर और महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के लंबित निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं। बिलासपुर स्थित सिम्स का भी व्यापक उन्नयन किया जा रहा है। डीएम कार्डियक कोर्स शुरू हो चुका है तथा जगदलपुर में जल्द ही छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम परियोजना के तहत 200 सीटर आधुनिक छात्र-छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों के साथ चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए भी आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी।
दूसरी परियोजना के अंतर्गत कैंसर भवन का द्वितीय से छठे तल तक विस्तार किया जाएगा। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में आधुनिक प्रयोगशालाएं, 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड, सिंगल रूम, आईसीयू और अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे, जिससे कैंसर रोगियों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी।
तीसरी परियोजना के तहत छात्राओं के छात्रावास का विस्तार किया जाएगा। इसमें अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, रिक्रिएशन हॉल सहित सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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