पहली ही बारिश में बिजली व्यवस्था बेपटरी, कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे तो कहीं खंभों में लग रही आग
रिपोर्टर ✒️ सुचित कुमार
कोटा क्षेत्र में घंटों बिजली गुल, अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल, उपभोक्ताओं में बढ़ रहा आक्रोश
करगीरोड-कोटा। बरसात की शुरुआत के साथ ही कोटा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। कहीं ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं सामने आ रही हैं तो कहीं बिजली के खंभों पर लगे जंक्शन बॉक्स में आग लगने से लोग दहशत में हैं। लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी समय पर सुधार कार्य नहीं हो रहा, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
सुबह से शाम तक बिजली का इंतजार, नहीं पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार 6 जुलाई की सुबह करगीरोड-कोटा के पड़ावपारा स्थित देवरिहापारा में बिजली के खंभे पर लगे बॉक्स में अचानक आग लग गई। मोहल्ले के लोगों ने कई बार बिजली विभाग को सूचना दी। बताया जाता है कि सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद बिजली आपूर्ति बंद कर सुधार कार्य शुरू किया गया, लेकिन रात में फिर बिजली बाधित हो गई।

ग्रामीणों का कहना है कि कई घरों में रात से बिजली नहीं थी और 7 जुलाई को भी दिनभर आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे पेयजल संकट के साथ-साथ भीषण उमस में लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा।
अधिकारियों से शिकायत, मिला सिर्फ आश्वासन
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर केवल आश्वासन मिलता रहा। लोगों ने बताया कि कनिष्ठ अभियंता (जेई) आशीष माहेश्वरी से संपर्क करने पर उन्होंने “सुधरवा देते हैं” कहकर आश्वस्त किया, लेकिन कई घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई। दोबारा संपर्क करने पर स्टाफ की कमी का हवाला दिया गया।
इसके बाद सहायक अभियंता (एई) माथुर से भी शिकायत की गई। उन्होंने भी जानकारी लेकर सुधार कराने की बात कही, लेकिन समाचार लिखे जाने तक प्रभावित क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।
हड़ताल और स्टाफ की कमी का असर?
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों की हड़ताल और सीमित संख्या में उपलब्ध ठेका कर्मचारियों के भरोसे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था संचालित हो रही है। ऐसे में छोटी-छोटी खराबियों को दूर करने में भी घंटों लग रहे हैं, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
मेंटेनेंस पर भी उठे सवाल
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि बारिश से पहले बिजली लाइनों और उपकरणों का समुचित रखरखाव किया गया होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पहली ही बारिश में बिजली व्यवस्था का बार-बार ठप होना विभागीय तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
उपभोक्ताओं में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार बिजली कटौती और समय पर सुधार कार्य नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे बिजली कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
हालांकि, बिजली विभाग की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि विभाग और प्रशासन बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए कितनी शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करते हैं।

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