ग्रामीण क्षेत्रों में आंतरिक सड़क नेटवर्क को डिजिटल पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल : पंचायती राज मंत्रालय ने जन सुझाव आमंत्रित किए
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने मायगव (MyGov) के सहयोग से प्रस्तावित “गांवों के भीतर की सड़कों की कोडिंग एवं ग्रेडिंग प्रणाली (Intra-Village Road Coding and Grading System)” पर देशभर के नागरिकों, पंचायती राज संस्थाओं, स्थानीय समुदायों, विशेषज्ञों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। इस संबंध में जन परामर्श 25 जून 2026 से प्रारंभ हो चुका है, जो 14 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा।
यह पहल ग्रामीण भारत (Grameen Bharat) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की सुगमता (Ease of Living) बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से देश के प्रत्येक गांव के भीतर स्थित प्रत्येक सड़क को एक विशिष्ट नाम, पहचान संख्या (कोड) तथा ग्रेड प्रदान करने का प्रस्ताव है, जिसे डिजिटल मानचित्रों, संकेतकों (Signage) तथा राष्ट्रीय डेटाबेस से जोड़ा जाएगा।
वर्तमान में गांवों के भीतर की सड़कों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण एवं मानचित्रण उपलब्ध नहीं होने के कारण एम्बुलेंस, अग्निशमन एवं पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं, डाक एवं कूरियर वितरण, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, आधारभूत संरचना के विकास तथा डिजिटल नेविगेशन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित प्रणाली इन चुनौतियों का समाधान करते हुए अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में सहायक होगी।

प्रस्तावित व्यवस्था में डिजिपिन (DIGIPIN), ग्राम मानचित्र (Gram Manchitra) तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के साथ समन्वित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे प्रत्येक गांव की आंतरिक सड़कें एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस का हिस्सा बन सकें।
पंचायती राज मंत्रालय ने नागरिकों से विशेष रूप से निम्नलिखित विषयों पर सुझाव आमंत्रित किए हैं—
- प्रस्तावित सड़क ग्रेडिंग एवं कोडिंग प्रणाली की उपयोगिता।
- पीएमजीएसवाई के कोर नेटवर्क के साथ इसका समन्वय।
- स्थानीय स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियां।
- ग्राम पंचायतों एवं समुदाय की सहभागिता बढ़ाने के उपाय।
- संकेतक बोर्ड, क्यूआर कोड, डिजिपिन एवं ग्राम मानचित्र के बेहतर उपयोग संबंधी सुझाव।
इस जन परामर्श में ग्रामीण एवं शहरी नागरिक, पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, स्थानीय समुदाय, शिक्षाविद, शोधकर्ता, योजनाकार, विकास विशेषज्ञ, नागरिक समाज संगठन, सरकारी अधिकारी तथा ग्रामीण विकास में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है।
मंत्रालय का मानना है कि प्राप्त सुझाव देश के लिए गांवों की आंतरिक सड़कों की पहचान एवं डिजिटल मैपिंग हेतु एक व्यावहारिक, समावेशी एवं राष्ट्रीय स्तर की मानकीकृत प्रणाली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण, आपदा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया, आधारभूत संरचना नियोजन तथा सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इच्छुक नागरिक 14 जुलाई 2026 तक MyGov पोर्टल पर उपलब्ध जन परामर्श में भाग लेकर अपने सुझाव एवं टिप्पणियां ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

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