मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर मिल रहे बीज और खाद, खरीफ की तैयारियों को मिली नई गति
उर्वरकों और प्रमाणित बीजों का पर्याप्त भंडारण, कृषि एवं सहकारिता विभाग की समन्वित व्यवस्था से किसानों को हो रही निर्बाध आपूर्ति
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कृषि विभाग एवं सहकारिता तंत्र के माध्यम से प्रदेशभर में बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी किसानों को समय पर प्रमाणित बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए समुचित भंडारण, सतत निगरानी तथा सुव्यवस्थित वितरण व्यवस्था की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है।
कृषि विभाग द्वारा जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। जिले में अब तक 5,201.42 टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। इनमें से 2,800.87 टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 2,400.56 टन उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जिले को कुल 4,214.115 टन उर्वरक प्राप्त हुआ था, जबकि इस वर्ष आवश्यकता के अनुरूप अधिक भंडारण सुनिश्चित कर किसानों की मांग को प्राथमिकता दी गई है।

इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2026 के लिए गुणवत्तायुक्त एवं प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बुवाई का कार्य बिना किसी व्यवधान के संचालित हो रहा है। जिले में वर्तमान में 4,656.50 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं। इनमें से 3,649.42 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 1,007.08 क्विंटल बीज का सुरक्षित भंडार अभी भी उपलब्ध है। कृषि विभाग द्वारा बीजों की उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि जिले के किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा बीजों की गुणवत्ता, उपलब्धता और वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है, वहीं सहकारिता विभाग एवं सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। दोनों विभागों के समन्वित प्रयासों से किसानों को खरीफ मौसम में आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे खेती की तैयारियां गति पकड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुणवत्तायुक्त बीज, पर्याप्त उर्वरक, समयबद्ध वितरण व्यवस्था तथा कृषि सेवाओं की सुलभ उपलब्धता राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। इन प्रयासों से किसानों का विश्वास बढ़ा है और प्रदेश में कृषि उत्पादन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही प्रमाणित बीज एवं उर्वरक प्राप्त करें। साथ ही वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए समय पर खरीफ फसलों की बुवाई पूर्ण करें, ताकि बेहतर उत्पादन एवं अधिक आय प्राप्त की जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता के अनुसार बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी स्तर पर कमी नहीं आने दी जाएगी।

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