छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास को मिल रही अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0
Screenshot_20260712_221944

भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर । राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के जनदर्शन हॉल में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संघ का नवगठित राज्य बोर्ड आदिवासी समाज के उत्थान, उनके अधिकारों की रक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के अध्यक्ष प्रकाश कुमार उइके, कौशल्या साय, राजेश मालवीय, कुंवर जितेंद्र नरसिंह राणा सहित संघ के सदस्य एवं विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जनजातीय बहुल राज्य में संघ की भूमिका महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है, जहां विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित अनेक जनजातीय समुदाय अपनी समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों के साथ निवास करते हैं। ऐसे राज्य में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड का गठन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संघ का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह संस्था लंबे समय से देशभर में आदिवासी समाज के कल्याण एवं उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।

NTPC World Environment Day

उन्होंने कहा कि संघ की ऐतिहासिक भूमिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद इसके प्रथम अध्यक्ष रहे, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने भी इस प्रतिष्ठित संस्था का नेतृत्व किया। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्वागत किया।

बस्तर में विकास के नए युग की शुरुआत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र अब विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, संचार और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और परंपराओं को देखने-समझने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। स्थानीय होमस्टे व्यवस्था से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

500 से अधिक गांवों तक पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि विगत चार दशकों में बस्तर के लगभग 400 गांव विकास की मुख्यधारा से वंचित रहे और उनका विधिवत सर्वेक्षण तक नहीं हो पाया था। वर्तमान सरकार ने इन गांवों का सर्वे कर विकास कार्यों को गति दी है।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के तहत 500 से अधिक गांवों तक सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। इन क्षेत्रों में राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं, नई उचित मूल्य की दुकानों का संचालन शुरू हुआ है और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी तेजी से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

स्वास्थ्य और आजीविका पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के अंतर्गत घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले लोगों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने बताया कि बस्तर मुन्ने कार्यक्रम, जिसका अर्थ ‘अग्रणी बस्तर’ है, के माध्यम से सुदूर वन क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है। इस पहल से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और जीवन मूल्यों का संरक्षण करते हुए उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आजीविका और आर्थिक अवसरों से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए जनजातीय विकास के प्रयासों को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!