बलौदाबाजार वनमण्डल में ‘युवान’ कार्यक्रम के साथ मनाया गया वन महोत्सव

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वन भ्रमण, पौधारोपण और प्रकृति शिक्षा के जरिए विद्यार्थियों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर । छत्तीसगढ़ में वन विभाग द्वारा नई पीढ़ी को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के लिए ‘युवान’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत राज्य के युवाओं को ‘युवान वालंटियर’ (ग्रीन लीडर) बनाया जाता है और वन महोत्सव जैसे आयोजनों में उन्हें पौधारोपण के साथ-साथ वनों के पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

वन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार बलौदाबाजार वनमण्डल में वनमण्डलाधिकारी  धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में प्रत्येक शनिवार आयोजित किए जाने वाले "युवान (YUVAN-Youth for Nature)" कार्यक्रम के तहत वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को वन भ्रमण कराया गया तथा पौधारोपण, सीड बॉल रोपण और प्रकृति शिक्षा जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय को वन, वन्यजीव, जल एवं मृदा संरक्षण, जैव विविधता तथा पर्यावरण संरक्षण की व्यवहारिक जानकारी देना और उन्हें प्रकृति संरक्षण से जोड़ना है।

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200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग देवपुर, सोनाखान, बारनवापारा और बल्दाकछार वन परिक्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को वन भ्रमण कराते हुए वनों और वन्यजीवों का महत्व, पर्यावरण संतुलन, जल एवं मृदा संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में किया पौधारोपण वन महोत्सव के अंतर्गत "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान भी चलाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन प्रबंधन समितियों और ग्रामीणों ने मिलकर पौधारोपण किया। चांदन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 43 छायादार पौधे लगाए गए। विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

सीड बॉल रोपण से प्राकृतिक पुनर्जनन की सीख कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आम, कोसम, चार और बहेड़ा जैसी स्थानीय एवं फलदार प्रजातियों के सीड बॉल तैयार करने और उनका रोपण करने की जानकारी दी गई। उन्हें प्राकृतिक पुनर्जनन, बीज संरक्षण और सीड बॉल तकनीक के महत्व के बारे में व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

जल, मृदा और जैव विविधता संरक्षण की दी जानकारी विद्यार्थियों को मिट्टी के कटाव को रोकने के उपाय, जल संरक्षण, जैव विविधता का महत्व, औषधीय एवं स्थानीय पौधों की उपयोगिता तथा मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों और वन प्रबंधन समितियों की भूमिका से भी अवगत कराया गया।

विद्यालयों से समुदाय तक बढ़ रही जनभागीदारी कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, वन प्रबंधन समितियों के पदाधिकारी, महिला समूह, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय ग्रामीण, वन अधिकारी, वन कर्मचारी और सुरक्षा श्रमिकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इससे युवान कार्यक्रम प्रकृति शिक्षा के साथ-साथ जनभागीदारी को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

प्रकृति के प्रति संवेदनशील युवा तैयार करने का प्रयास वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि युवान कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पर्यावरण संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें प्रकृति के बीच सीखने का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे जंगल, वन्यजीव, जल स्रोत और जैव विविधता को करीब से समझेंगे, तभी उनमें पर्यावरण संरक्षण की स्थायी भावना विकसित होगी। बलौदाबाजार वनमण्डल का लक्ष्य युवान कार्यक्रम के माध्यम से प्रकृति के प्रति संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है।

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