जिला स्तरीय समन्वय बैठक में एचआईवी-टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा, दवा छोड़ चुके मरीजों की खोज और फॉलोअप पर दिया गया जोर
मुंगेली। राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को जिला स्तरीय एचआईवी-टीबी समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एचआईवी संक्रमित ऐसे मरीजों की पहचान, खोज एवं नियमित फॉलोअप पर विशेष जोर दिया गया, जिन्होंने उपचार के दौरान दवा लेना बंद कर दिया है। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि ऐसे मरीजों को गोपनीयता बनाए रखते हुए पुनः उपचार से जोड़ा जाए, ताकि संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
यह बैठक परियोजना संचालक एवं स्वास्थ्य संचालक के निर्देश तथा कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शशीला साहा ने की। इस दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक गिरीश कुर्रे एवं जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक में अप्रैल 2026 से जून 2026 तक राष्ट्रीय एड्स एवं टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने वार्षिक लक्ष्य की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए सभी विकासखंडों में कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष रूप से जिले में पंजीकृत सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत एचआईवी एवं सिफलिस जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि जांच से संबंधित सभी जानकारी विकासखंड स्तर पर एचआईएमएस (HIMS) पोर्टल में समयबद्ध तरीके से दर्ज की जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले एवं संबंधित कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा नियमित साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
परियोजना संचालक सह आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार मुंगेली जिले के तीनों विकासखंड—मुंगेली, लोरमी और पथरिया—में एचआईवी की दवा छोड़ चुके मरीजों की गोपनीय तरीके से खोज कर उन्हें पुनः बिलासपुर स्थित एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र से जोड़ने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि उपचार बीच में छोड़ देने से मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए ऐसे सभी मरीजों का नियमित फॉलोअप अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम, जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, ग्रामीण विकास सहारा संस्था के प्रतिनिधियों सहित जिले के सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने समन्वित प्रयासों के माध्यम से एचआईवी और टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।

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