विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर प्रदेशभर में जागरूकता, जांच और टीकाकरण अभियान को मिली गति

0
IMG-20260728-WA1210

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित सभी जिलों में आयोजित हुए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम, समय पर जांच, टीकाकरण और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुदृढ़ और जनकेंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रदेशभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा सामुदायिक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को हेपेटाइटिस बी एवं सी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच, टीकाकरण तथा सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश में आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर रोगों की पहचान तथा जनजागरूकता को स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता बनाया गया है, जिससे गंभीर बीमारियों की रोकथाम एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके।

NTPC World Environment Day

विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित प्रदेश के सभी जिलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में हेपेटाइटिस बी एवं सी की स्क्रीनिंग की गई तथा स्वास्थ्य कर्मियों एवं उच्च जोखिम वाले हितग्राहियों का हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में परामर्श सत्र, स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम और प्रचार-प्रसार गतिविधियों के माध्यम से लोगों को संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष अभियान चलाकर आमजन को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने हेपेटाइटिस बी एवं सी संक्रमण, उसके बचाव एवं उपचार की जानकारी देते हुए सुरक्षित इंजेक्शन के उपयोग, सुरक्षित रक्ताधान तथा हेपेटाइटिस ए एवं ई से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छ भोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षणों में बुखार, भूख कम लगना, अत्यधिक थकान, जोड़ों में दर्द, अनिद्रा, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली तथा गहरे रंग का मूत्र शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल जांच कराने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित रूप से हेपेटाइटिस-बी जांच कराई जा रही है, ताकि नवजात शिशुओं को संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। प्रदेश के सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में हेपेटाइटिस की निःशुल्क जांच तथा जिला चिकित्सालयों में उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक रहें, सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार अपनाएं, समय पर जांच एवं टीकाकरण कराएं तथा किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच और उपचार का लाभ अवश्य लें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर स्वस्थ, सुरक्षित एवं निरोग छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!