आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने राज्यभर में प्रशिक्षण अभियान तेज
शंकरगढ़ कार्यशाला में पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
रायपुर । प्रदेश में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ और गुणवत्तापूर्ण मातृ-शिशु सेवाओं के लक्ष्य को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास गतिविधियों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमाकांत चंद्राकर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा हितग्राहियों तक योजनाओं का बेहतर लाभ सुनिश्चित करना था।

कार्यशाला में पूरक पोषण आहार, गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल, बच्चों के जीवन के प्रारंभिक 1000 दिनों का महत्व, वृद्धि मापन, कुपोषण की पहचान एवं प्रबंधन, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, गृह भ्रमण, पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग तथा स्वास्थ्य, पंचायत एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रामाकांत चंद्राकर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से समन्वित रूप से कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने तथा बच्चों, किशोरियों एवं माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा क्षेत्रीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा कर उनके व्यावहारिक समाधान बताए गए। साथ ही शासन द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों, पोषण संबंधी अभियानों और आईसीडीएस से संबंधित अद्यतन योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री राहुल सिंह, स्वास्थ्य विभाग के विकासखंड स्तरीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता बढ़ाने, पोषण ट्रैकिंग को सुदृढ़ करने तथा बच्चों और माताओं तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्य शासन द्वारा पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा सेवाओं को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार निरंतर किया जा रहा है।

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