बैगलेस डे पर स्कूलों में सजी महापुरुषों और अमर शहीदों की प्रदर्शनी
छात्रों ने चित्रकला, पेंटिंग और स्क्रैच आर्ट के माध्यम से दी श्रद्धांजलि, शहीद परिजन एवं भूतपूर्व सैनिकों की सहभागिता से बढ़ा उत्साह
रायपुर । स्कूल शिक्षा विभाग एवं राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के निर्देशानुसार प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में शनिवार को आयोजित “बैगलेस डे” के अवसर पर सूरजपुर जिला में महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, वीर शहीदों तथा समाज निर्माण में योगदान देने वाली महान विभूतियों के चित्रों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पेंटिंग, स्क्रैच आर्ट और चित्रकारी के माध्यम से अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय शिक्षा के साथ-साथ देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और महान व्यक्तित्वों के जीवन मूल्यों से जोड़ना रहा। विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को यह प्रेरणा दी गई कि महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिखाए गए आदर्शों का अनुसरण कर वे भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

आयोजित कार्यक्रमों में शहीद परिजनों, भूतपूर्व सैनिकों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों तथा विभिन्न क्षेत्रों में सफल व्यक्तियों ने सहभागिता कर विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया। प्रतापपुर विकासखंड के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरहरी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू परमानंद कोसरिया के पुत्र श्री कमलेश कोसरिया तथा सीमा पर सेवा दे चुके भूतपूर्व सैनिक श्री शिवचरण नापित उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्षों और बलिदानों से अवगत कराया।
शहीद परिजनों ने अपने संबोधन में बताया कि स्वतंत्रता संग्राम केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं था, बल्कि यह राष्ट्र के स्वाभिमान और जनजागरण का अभियान था। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी गोकुल प्रसाद जी के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे आर्य समाज और वंदे मातरम आंदोलन से जुड़े रहे तथा अंग्रेजी शासन के विरोध में सक्रिय भागीदारी के कारण उन्हें कारावास और यातनाएं सहनी पड़ीं, जहां उन्होंने 1 अप्रैल 1939 को अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
भैयाथान विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल गंगोटी में अधिवक्ता श्री अनिल गोयल, पूर्व एसडीओ जल संसाधन श्री एस.के. तिवारी, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री रविशंकर मिश्रा तथा समाजसेवी श्री लालचंद अग्रवाल ने विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा, नैतिक मूल्यों और समाज सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला।
रामानुजनगर विकासखंड के बालक माध्यमिक शाला रामानुजनगर में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय साहू, चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री स्वयं गोयल तथा समग्र शिक्षा के अधिकारियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं, जिससे विद्यार्थी प्रेरित हुए और उन्होंने अपने भविष्य के लक्ष्य एवं सपनों के बारे में उत्साहपूर्वक चर्चा की।
विद्यालयों में महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित चित्रकला एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही कई विद्यालयों में पोषण वाटिका के विस्तार, न्योता भोजन तथा अन्य सामुदायिक सहभागिता आधारित गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।
समग्र शिक्षा के अधिकारियों ने बताया कि “बैगलेस डे” प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाला सतत कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक, अनुभवात्मक और गतिविधि आधारित शिक्षा से जोड़ना है। इसके माध्यम से जनप्रतिनिधियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों, समाजसेवियों, सफल नागरिकों, स्कूल प्रबंधन समितियों तथा पालकों की सहभागिता बढ़ाकर विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक और प्रेरणादायी वातावरण तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सहायक संचालक शिक्षा, जिला एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, संकुल प्राचार्य एवं संकुल समन्वयकों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

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