रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एक करोड़ की गांजा खेप जब्त, ट्रक में भारी मशीनों के बीच छिपाकर हो रही थी तस्करी

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191.525 किलो गांजा, ट्रक और मशीनरी समेत 1.20 करोड़ का मशरूका जब्त, पिता-पुत्र गिरफ्तार; ओडिशा से नागपुर तक फैला था तस्करी का नेटवर्क

रायपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 191.525 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। अंतरराज्यीय तस्करी के इस मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजा, तस्करी में प्रयुक्त छह चक्का ट्रक तथा उसमें लदी भारी मशीनरी सहित करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया है। पुलिस का दावा है कि रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में गांजे की यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है।

पुलिस के अनुसार पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल के संयुक्त निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि मंदिरहसौद की ओर से रायपुर आ रहे एक ट्रक में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर लाभांडी स्थित अग्रसेन धाम के पास सर्विस रोड पर घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोका गया।

तलाशी के दौरान ट्रक में भारी मशीनरी लोड होने के कारण शुरूआत में कुछ भी संदिग्ध नजर नहीं आया। हालांकि पुलिस टीम ने बारीकी से जांच की तो मशीनों के नीचे और बीच में छिपाकर रखी गई सात बोरियां बरामद हुईं। बोरियों को खोलने पर उनमें अलग-अलग पैकेटों में गांजा भरा मिला। वजन करने पर कुल 191.525 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

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पूछताछ में ट्रक सवार दोनों व्यक्तियों ने अपनी पहचान मोहम्मद लाल और उसके पुत्र मोहम्मद रूस्तम के रूप में बताई। दोनों मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के निवासी हैं तथा वर्तमान में पश्चिम बंगाल के बैकरपुर क्षेत्र में रह रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच में सामने आया कि मोहम्मद लाल पिछले लगभग 25 वर्षों से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा है और कोलकाता से ओडिशा, छत्तीसगढ़ होते हुए मुंबई तक माल परिवहन करता रहा है। इसी परिवहन नेटवर्क का उपयोग कर आरोपी ओडिशा के सुहेला क्षेत्र से गांजा लेकर नागपुर पहुंचाने की तैयारी में थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा किस गिरोह ने उपलब्ध कराया और इसका अंतिम खरीदार कौन था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों की गतिविधियों पर पिछले करीब एक माह से गुप्त निगरानी रखी जा रही थी। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और संभावित तस्करी मार्गों की जानकारी जुटाने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई, जिससे इतनी बड़ी खेप पकड़ने में सफलता मिली।

थाना तेलीबांधा में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले में एंड-टू-एंड जांच कर रही है, ताकि तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

पुलिस के अनुसार रायपुर कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट अब तक एनडीपीएस एक्ट के 62 प्रकरणों में 152 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इन मामलों में गांजा, एमडीएमए, कोकीन, हेरोइन, ब्राउन शुगर, अफीम, प्रतिबंधित दवाइयां, वाहन और अन्य सामग्री सहित 5.22 करोड़ रुपये से अधिक का मशरूका जब्त किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

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