मुख्य सचिव ने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश

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कैम्पा मद के कार्यों की समीक्षा, वन क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और आवश्यक भवनों के निर्माण पर रहेगा विशेष फोकस

रायपुर । मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में कैम्पा (CAMPA) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वनों के संरक्षण, पर्यावरण विकास तथा वनांचल क्षेत्रों में अधोसंरचना और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही कैम्पा मद के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की गई।

नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बढ़ेगी विकास की रफ्तार

बैठक में मुख्य सचिव ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैम्पा मद से वन क्षेत्रों में पुल-पुलियों, पहुंच मार्गों तथा आवश्यक भवनों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल मुक्त हो चुके क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्यों में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि इन दूरस्थ इलाकों तक शासन की योजनाओं और विकास का लाभ तेजी से पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से इन क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

वर्ष 2026-27 के लिए 713.73 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 के लिए 713 करोड़ 73 लाख रुपये की वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर अंतिम स्वीकृति के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार को भेजी गई है। इस प्रस्तावित राशि में से 436 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

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पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन पर विशेष जोर

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कैम्पा निधि के माध्यम से सिंचित एवं असिंचित वृक्षारोपण, क्षतिपूर्ति वनीकरण, बांस वनों की पुनर्स्थापना, वनों के घनत्व में वृद्धि के लिए सिल्वीकल्चरल कार्य, वन्यजीव प्रबंधन, चरागाह विकास, चेक डैम एवं तालाबों के निर्माण के जरिए भू-जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधारने जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना भी है।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) अरुण पाण्डेय, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद, कैम्पा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शालिनी रैना सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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