पीएमएफएमई योजना से मिली नई दिशा, आधुनिक मशीनों से बढ़ा कारोबार

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कृषि परिवार से निकलकर प्रो. जितेन्द्र कुमार धनकर ने फूड प्रोसेसिंग में बनाई पहचान, 5 लोगों को मिला रोजगार

रायपुर । खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम अतरिया निवासी 35 वर्षीय प्रो. जितेन्द्र कुमार धनकर ने कृषि परिवार से होने के बावजूद स्वरोजगार की राह चुनकर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। बीएससी एग्रीकल्चर शिक्षित जितेन्द्र कुमार ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर अपने छोटे कारोबार को आधुनिक स्वरूप दिया। योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता और आधुनिक मशीनरी से उत्पादन बढ़ा और उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

2022 में शुरू किया उद्यम

जितेन्द्र कुमार ने 16 मार्च 2022 को ‘धनकर एंटरप्राइजेज (एमएफजी यूनिट)’ की शुरुआत की। उनके उद्यम में लीची जूस, मैंगो जूस, ऑरेंज जूस, भेल, मसाला मुरमुरा, चना मिक्स और विभिन्न प्रकार के नमकीन सहित खाद्य उत्पादों का निर्माण एवं पैकेजिंग किया जाता है।

पीएमएफएमई योजना का लाभ मिलने से पहले उनका कारोबार मुख्य रूप से मौसमी उत्पादों तक सीमित था। उस समय उनकी मासिक आय करीब 10 हजार रुपए थी। व्यवसाय के विस्तार की संभावनाएं भी सीमित थीं।

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डीटीआईसी से मिली योजना की जानकारी

इसी दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीटीआईसी) के माध्यम से उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। विभागीय मार्गदर्शन के बाद जितेन्द्र कुमार ने योजना के तहत आवेदन किया और आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा, छुईखदान से उन्हें 6.30 लाख रुपए का ऋण मिला। इसमें 2.45 लाख रुपए की 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिला।

इस वित्तीय सहायता से उन्होंने उद्यम में आधुनिक मशीनें स्थापित कीं। इनमें वीएफएफएस पैकिंग मशीन, एयर कम्प्रेसर, मिक्सर मशीन और ड्रायर मशीन शामिल हैं। आधुनिक मशीनरी से उत्पादन क्षमता बढ़ी और उत्पादों की पैकेजिंग भी पहले की तुलना में बेहतर हुई।

मौसमी कारोबार से नियमित उत्पादन तक

योजना का लाभ मिलने के बाद धनकर एंटरप्राइजेज के कारोबार में बड़ा बदलाव आया। पहले जहां कारोबार मौसमी उत्पादों पर निर्भर था, वहीं अब नमकीन, मसाला मुरमुरा, चना मिक्स सहित कई खाद्य उत्पादों का नियमित उत्पादन और पैकेजिंग हो रहा है।

बेहतर पैकेजिंग और आधुनिक मशीनों के कारण उत्पादों को स्थानीय बाजार में पहचान मिली है। वर्तमान में उद्यम में प्रतिदिन करीब 2,000 से 2,500 रुपए की बिक्री हो रही है। वहीं जितेन्द्र कुमार की मासिक आय बढ़कर करीब 30 हजार रुपए तक पहुंच गई है।

पांच लोगों को मिला रोजगार

उद्यम के विस्तार का लाभ केवल जितेन्द्र कुमार तक सीमित नहीं रहा। उनके कारोबार से वर्तमान में 5 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। उनका लक्ष्य उत्पादन क्षमता बढ़ाकर आने वाले समय में और अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।

जिले और राज्य स्तर पर ब्रांड विस्तार का लक्ष्य

पीएमएफएमई योजना के सहयोग से ‘धनकर एंटरप्राइजेज’ ने स्थानीय बाजार में अपनी पहचान बनाई है। जितेन्द्र कुमार अब अपने ब्रांड को जिले और राज्य स्तर पर स्थापित करने तथा फूड प्रोसेसिंग कारोबार को और विस्तार देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

योजना ने बदली कारोबार की दिशा

जितेन्द्र कुमार का कहना है कि पीएमएफएमई योजना ने उनके छोटे व्यवसाय को नई दिशा और पहचान दी। बैंक ऋण, 35 प्रतिशत सब्सिडी और आधुनिक मशीनरी की मदद से वे कारोबार का विस्तार कर सके। उनका संदेश है कि युवाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाना चाहिए और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

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