उप स्वास्थ्य केंद्र सोन में 3 बजे से पहले लगा ताला, स्वास्थ्यकर्मियों की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

पचपेड़ी। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत सोन स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में निर्धारित समय से पहले स्वास्थ्यकर्मियों के नदारद रहने का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दोपहर 3 बजे से पहले ही उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लग जाता है और स्वास्थ्यकर्मी वहां से चले जाते हैं। इससे उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए पहुंचने वाले मरीजों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं निर्धारित समय तक उपलब्ध रहनी चाहिए, लेकिन समय से पहले केंद्र बंद मिलने से लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य बीमारी, प्राथमिक उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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अधिकारियों के बयानों में सामने आया अंतर

मामले की जानकारी जब मस्तूरी बीएमओ एवं चिकित्सा अधिकारी को दी गई तो उनका कहना था कि गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित होने के कारण उप स्वास्थ्य केंद्र बंद है। वहीं, जब इस संबंध में चिकित्सा सुपरवाइजर से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई ड्यूटी नहीं लगाई गई है। उन्होंने मामले की जानकारी लेने के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही और फोन काट दिया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बयानों में सामने आए इस अंतर से उप स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी किसी विभागीय कार्यक्रम के लिए गांव-गांव में लगाई गई थी, तो इसकी स्पष्ट जानकारी संबंधित अधिकारियों और स्थानीय स्तर पर होनी चाहिए थी।

जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, ड्यूटी रोस्टर और केंद्र बंद किए जाने के कारणों की जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीणों को निर्धारित समय तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का उद्देश्य आम लोगों को उनके गांव के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि केंद्र निर्धारित समय से पहले बंद मिलता है, तो इसका सीधा असर मरीजों और जरूरतमंद ग्रामीणों पर पड़ता है। उन्होंने विभाग से व्यवस्था में सुधार कर जिम्मेदारों पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

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